By Malay Ojha | Published: 13 July 2026 at 08:50 PM
बिहार में विशेष जरूरतों वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। विशेष बच्चों की शिक्षा, विकास और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रही संस्था द ब्लेस्ड वन्स अगस्त महीने से राजधानी पटना में अपना 9वां सेंटर शुरू करने जा रही है। इस नए केंद्र में ऐसे बच्चों के लिए स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी, विशेष शिक्षा, कौशल विकास और विशेषज्ञों की देखरेख में व्यक्तिगत प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्था का कहना है कि इसका उद्देश्य विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
संस्था के अनुसार नया सेंटर राजधानी के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित मकान संख्या 211 में संचालित किया जाएगा। यहां उन बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिन्हें सामान्य शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता होती है। केंद्र में अनुभवी विशेषज्ञों की टीम बच्चों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण और थेरेपी उपलब्ध कराएगी।
किन बच्चों को मिलेगा लाभ
इस सेंटर में ऑटिज़्म, डाउन सिंड्रोम, ध्यान और व्यवहार संबंधी चुनौतियों, सेरेब्रल पाल्सी तथा अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए अलग-अलग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक बच्चे की स्थिति का आकलन करने के बाद उसके लिए व्यक्तिगत प्रशिक्षण योजना तैयार की जाएगी, ताकि उसकी क्षमता के अनुसार विकास सुनिश्चित किया जा सके।
थेरेपी के साथ मिलेगी विशेष शिक्षा
संस्था का कहना है कि केवल थेरेपी ही नहीं, बल्कि बच्चों के संपूर्ण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी, विशेष शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट जैसी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे अभिभावकों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और बच्चों को समन्वित तरीके से प्रशिक्षण मिल सकेगा।
अभिभावकों को भी मिलेगा मार्गदर्शन
संस्था ने बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। सेंटर में नियमित रूप से काउंसलिंग और पैरेंट गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ अभिभावकों को बताएंगे कि घर के वातावरण में बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।
व्यक्तिगत प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष जोर
हर विशेष बच्चे की जरूरत अलग होती है। इसी वजह से संस्था ने व्यक्तिगत प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ प्रत्येक बच्चे की प्रगति की लगातार निगरानी करेंगे और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण में बदलाव भी करेंगे। इससे बच्चों की सीखने की गति और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
संस्था का लक्ष्य बढ़ाना है आत्मविश्वास
संस्था के संस्थापक अमितेज प्रियदर्शी ने कहा कि हर विशेष बच्चे के भीतर प्रतिभा और क्षमता मौजूद होती है। जरूरत केवल सही दिशा, विशेषज्ञ सहयोग और सकारात्मक माहौल की होती है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित प्रशिक्षण मिले तो ऐसे बच्चे भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
बिहार में लगातार बढ़ा रही है अपनी सेवाएं
संस्था लंबे समय से विशेष बच्चों के विकास, शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रही है। अब पटना में शुरू होने वाला यह नया केंद्र बिहार में संस्था का नौवां सेंटर होगा। संस्था का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाई जाएं, ताकि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सके।
समग्र विकास पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती उम्र में सही प्रशिक्षण और थेरेपी मिलने से बच्चों के विकास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। इसी सोच के साथ यह नया सेंटर शिक्षा, व्यवहार, संवाद क्षमता और दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक कौशलों के विकास पर एक साथ काम करेगा। संस्था का विश्वास है कि यह पहल विशेष बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी।
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