By aryavartalive | Published: 16 June 2026 at 09:46 AM
बिहार सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पटना के चर्चित 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास का आवंटन कर दिया है। यह वही बंगला है जहां मुख्यमंत्री बनने से पहले सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री के तौर पर रहते थे। सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस बंगले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सोमवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को आवंटित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हो चुके हैं। इसके बाद से यह बंगला खाली पड़ा था और इसके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
पहले कुछ और थी सरकार की योजना
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री आवास में जाने के बाद राज्य सरकार ने शुरुआती स्तर पर 5 देशरत्न मार्ग को मुख्यमंत्री आवास परिसर का हिस्सा बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया भी शुरू हुई थी, लेकिन बाद में यह फैसला वापस ले लिया गया।
विपक्ष के विरोध के बाद बदला फैसला
राजनीतिक हलकों में इस प्रस्ताव को लेकर काफी बहस हुई थी। विपक्षी दलों ने 5 देशरत्न मार्ग को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शामिल करने का विरोध किया था। इसके बाद सरकार ने अपना निर्णय बदल दिया और अब इस बंगले को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को आवंटित कर दिया गया है।
रामकृपाल यादव को मिला दूसरा आवास
सरकार द्वारा जारी आदेश में एक और बदलाव किया गया है। 2 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास मंत्री रामकृपाल यादव को आवंटित किया गया है। यह आवास पहले निशांत कुमार के पास था। नए आदेश के बाद दोनों मंत्रियों के सरकारी आवासों में बदलाव हुआ है।
क्यों चर्चा में रहता है 5 देशरत्न मार्ग?
पटना का 5 देशरत्न मार्ग लंबे समय से बिहार की राजनीति में खास महत्व रखता है। यह आवास आमतौर पर उपमुख्यमंत्री को दिया जाता रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद और तेजस्वी यादव भी इसी बंगले में रह चुके हैं।
बंगले से जुड़ा एक राजनीतिक मिथक भी
राजनीतिक चर्चाओं में इस बंगले से जुड़ा एक दिलचस्प मिथक भी अक्सर सुनने को मिलता है। कहा जाता है कि इस आवास में रहने वाले कई उपमुख्यमंत्री अपना पूरा कार्यकाल नहीं पूरा कर सके। सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद और तेजस्वी यादव के उदाहरण अक्सर इसके साथ जोड़े जाते हैं।
हालांकि सम्राट चौधरी के मामले में तस्वीर अलग रही। उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इसी बंगले में प्रवेश किया और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए। यही वजह है कि अब निशांत Kumar को यह आवास मिलने के बाद फिर से राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
फिलहाल यह सिर्फ सरकारी आवास आवंटन का मामला है, लेकिन बिहार की राजनीति में कई बार ऐसे फैसले भी चर्चा का बड़ा विषय बन जाते हैं। 5 देशरत्न मार्ग का यह बंगला पहले भी सुर्खियों में रहा है और अब निशांत कुमार के यहां रहने के बाद राजनीतिक गलियारों की नजरें एक बार फिर इसी पते पर टिक गई हैं।

