By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 04:27 PM
फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन सदस्य देशों ने लेबनान में तत्काल युद्धविराम की मांग करते हुए संयुक्त बयान जारी किया। बयान में साफ कहा गया कि क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को रोकना जरूरी है और लेबनान की संप्रभुता तथा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस बीच, युद्धविराम की मांग के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
सम्मेलन के समापन सत्र में जारी संयुक्त बयान में जी7 देशों ने लेबनान में तुरंत और प्रभावी युद्धविराम लागू करने की अपील की। नेताओं ने कहा कि मौजूदा हालात पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकते हैं और हिंसा को रोकना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए।
लेबनान सरकार को दिया खुला समर्थन
जी7 देशों ने अपने बयान में लेबनान की सरकार और नेतृत्व के प्रयासों का समर्थन किया। बयान में कहा गया कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, हथियारों पर सरकार का पूरा नियंत्रण सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी के जरिए लेबनान की अखंडता की रक्षा की जानी चाहिए।
ट्रंप भी बैठक में रहे मौजूद
इस अहम बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हुए। मध्य पूर्व के हालात, सुरक्षा चुनौतियां और क्षेत्रीय स्थिरता बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय मुलाकातों ने भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा।
युद्धविराम की मांग के बीच फिर हुआ हमला
जी7 देशों की अपील के कुछ ही समय बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायल की ओर से हमला किए जाने की खबर सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में चार लोगों की मौत हुई है। ऐसे समय में हुई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
मोदी ने उठाया स्थायी समाधान का मुद्दा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सम्मेलन के दौरान संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी समाधान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ऐसे कदम उठाए जाने चाहिए जो लंबे समय तक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखें।
मोदी-ट्रंप मुलाकात रही चर्चा का केंद्र
जी7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात भी सुर्खियों में रही। दोनों नेताओं के बीच कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इस मुलाकात को भविष्य की कूटनीतिक रणनीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच सकारात्मक प्रगति होती है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता पर भी पड़ेगा।
यूक्रेन संकट पर भी हुई चर्चा
सम्मेलन के अंतिम दिन यूक्रेन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने मौजूदा हालात की समीक्षा की और भविष्य की रणनीतियों पर विचार किया। मार्क कार्नी ने संकेत दिया कि इस विषय पर सदस्य देशों के बीच नए दृष्टिकोण से बातचीत हुई है।
दुनिया की नजर अब अगले कदम पर
जी7 देशों की ओर से युद्धविराम की मांग के बाद अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्षेत्र में हिंसा रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ सकता है।
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