By Malay Ojha | Published: 26 July 2026 at 10:14 AM
जंतर-मंतर पर 27 दिन तक चले आंदोलन के खत्म होने के बाद कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रविवार सुबह पहली बार वीडियो के जरिए सामने आए। आंदोलन की समाप्ति और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जारी इस वीडियो में दीपके ने उन सभी युवाओं और समर्थकों का शुक्रिया अदा किया, जो पूरे आंदोलन के दौरान उनके साथ डटे रहे। उन्होंने आलोचकों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी आलोचनाओं ने उन्हें बेहतर बनने में मदद की।
अभिजीत दीपके का यह वीडियो इसलिए भी खास है क्योंकि शनिवार को शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वह प्रदर्शन स्थल से चले गए थे। ऐसे में वह आंदोलन में साथ रहे लोगों को उसी समय धन्यवाद नहीं दे पाए थे। रविवार सुबह जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह लंबे समय बाद पहली बार ऐसे उठे, जब उनके सामने किसी नए कार्यक्रम की योजना बनाने की जल्दबाजी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब यह चिंता नहीं थी कि शाम को क्या करना है और आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाना है।
टाइफाइड और तेज बुखार के बीच जारी किया वीडियो
अभिजीत दीपके ने वीडियो में अपनी तबीयत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें टाइफाइड है और तेज बुखार भी है। इसके बावजूद वह उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहते थे, जिन्होंने इस आंदोलन में उनका और युवाओं का साथ दिया। उन्होंने कहा कि शनिवार को जीत के बाद वह धरना स्थल से चले गए थे और वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद नहीं कर पाए। इसलिए रविवार सुबह उन्होंने वीडियो जारी कर सभी के प्रति आभार जताया।
‘सभी आलोचकों का भी धन्यवाद’, दीपके ने क्यों कहा ऐसा?
अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने आंदोलन के समर्थकों के साथ-साथ आलोचकों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वह उन सभी आलोचकों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने उन्हें बेहतर बनने में मदद की। उनके मुताबिक, लगातार सवाल उठाए जाने और आलोचना के बावजूद आंदोलन आगे बढ़ता रहा और आखिरकार कॉकरोज जनता पार्टी के पहले अभियान से जुड़ा वादा पूरा करने में सफलता मिली।
27 दिन तक जंतर-मंतर पर जारी रहा प्रदर्शन
अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो में आंदोलन के पिछले 27 दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई तरह के सवाल उठाए गए। लोगों ने पूछा कि आखिर यह आंदोलन कैसे चलेगा, इसे कैसे संभाला जाएगा और आगे क्या होगा। इसके बावजूद आंदोलन से जुड़े लोग जंतर-मंतर पर डटे रहे और लगातार अपना समर्थन देते रहे।
शनिवार को जीत के बाद भी नहीं कर पाए थे धन्यवाद
अभिजीत दीपके ने बताया कि शनिवार का दिन आंदोलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया था। इसके बाद वह धरना स्थल से चले गए। उनकी तबीयत भी ठीक नहीं थी और वह लंबे समय से चल रहे आंदोलन के कारण काफी थक चुके थे। इसी वजह से वह उस समय वहां मौजूद लोगों से व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद नहीं कह पाए।
‘अब शाम को क्या करना है’, इसकी चिंता नहीं थी
रविवार सुबह जारी वीडियो में दीपके ने जिस बात का खास तौर पर जिक्र किया, वह आंदोलन खत्म होने के बाद की उनकी मनोदशा थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब सुबह उठने के बाद उनके सामने तुरंत कोई नया कार्यक्रम तय करने की चुनौती नहीं थी। आंदोलन के दौरान लगातार यह सोचना पड़ता था कि आगे क्या करना है और शाम तक क्या योजना होगी। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी थी।
आंदोलन में साथ देने वाले हर व्यक्ति को कहा शुक्रिया
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने किसी न किसी रूप में आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पूरे समय धरना स्थल पर मौजूद रहे, जिन्होंने युवाओं की आवाज को समर्थन दिया और जिन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने में सहयोग किया, उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता।
सोनम वांगचुक से भी हुई थी वीडियो कॉल पर बातचीत
आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए साझा की थी। दोनों ही इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर रहने की भी जानकारी सामने आई थी। ऐसे में दोनों के बीच हुई बातचीत को भी आंदोलन के घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा गया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला आंदोलन का रुख
दरअसल, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद आंदोलन का रुख बदल गया। अभिजीत दीपके उस समय जंतर-मंतर पर मौजूद थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित भी किया। इसके बाद आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में सरकार और कॉकरोज जनता पार्टी के बीच बातचीत का एक और दौर हुआ।
सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार की ओर से बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। इस बातचीत में कॉकरोज जनता पार्टी की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। वहीं, सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत हुई। बातचीत के बाद कॉकरोज जनता पार्टी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।
शनिवार शाम से ही खाली होने लगा था धरना स्थल
आंदोलन खत्म करने के ऐलान के बाद शनिवार शाम से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या कम होने लगी थी। धीरे-धीरे धरना स्थल खाली होने लगा। लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद अब अभिजीत दीपके का रविवार सुबह सामने आया वीडियो आंदोलन के अंतिम दौर की कहानी को एक अलग नजरिए से सामने रखता है।
अब सबकी नजर अभिजीत दीपके के अगले कदम पर
27 दिन तक चले आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में जहां समर्थकों और आलोचकों को धन्यवाद दिया, वहीं उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब लंबे समय बाद उनके पास कुछ समय ठहरकर पीछे मुड़कर देखने का मौका है। हालांकि, आंदोलन खत्म होने के बाद उनकी अगली रणनीति क्या होगी, इस पर उन्होंने फिलहाल कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जंतर-मंतर के इस लंबे आंदोलन के बाद कॉकरोज जनता पार्टी और अभिजीत दीपके का अगला कदम क्या होता है।
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