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कारगिल के वीरों से लेकर ओलंपियाड के गोल्ड मेडल तक… मन की बात में पीएम मोदी ने जब सुनाई देश की कहानी

By Malay Ojha | Published: 26 July 2026 at 12:33 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 26 जुलाई को याद करते हुए कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और देश के युवाओं की उपलब्धियों को सामने रखा। पीएम मोदी ने जल संरक्षण से लेकर विज्ञान, खेल और अंतरिक्ष तक कई ऐसे उदाहरण गिनाए, जो उनके मुताबिक बदलते भारत की तस्वीर दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 26 जुलाई के ऐतिहासिक महत्व से की। उन्होंने कहा कि कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती और 26 जुलाई भी ऐसी ही तारीख है। यह दिन देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश अपने वीर सैनिकों के शौर्य और शहादत को नमन कर रहा है।

जल बचाने की मुहिम का किया जिक्र
इसके बाद प्रधानमंत्री ने देश में जल संरक्षण को लेकर चल रहे ‘कैच द रेन’ अभियान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह पहल अब केवल सरकारी अभियान नहीं रह गई है, बल्कि लोगों की भागीदारी से एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले रही है। पीएम मोदी ने अलग-अलग राज्यों में पानी बचाने और पुराने जलस्रोतों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

सीधी में बने करीब 1500 नए तालाब
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां बड़ी संख्या में नए तालाब तैयार किए गए हैं। उनके मुताबिक करीब 1500 नए तालाब बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है। उन्होंने नरसिंहपुर में पुराने अमृत सरोवरों के कायाकल्प का भी जिक्र किया और बताया कि जलस्रोतों को बचाने के ऐसे प्रयास आने वाले समय में काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

नासिक से नंद्याल तक पानी बचाने की पहल
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के नासिक में वर्षा जल को सहेजने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी तारीफ की। इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के नंद्याल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ग्राम पंचायतों ने मिलकर पुराने और ऐतिहासिक तालाबों को फिर से जीवित करने की दिशा में काम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब स्थानीय लोग किसी अभियान से जुड़ते हैं तो उसका असर लंबे समय तक दिखाई देता है।

विज्ञान के मैदान में भारतीय युवाओं का जलवा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय छात्रों की वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी खास जगह दी। उन्होंने कहा कि देश की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं की यह सफलता देश की नई पीढ़ी की प्रतिभा और मेहनत को दिखाती है।

भौतिकी में सभी पांच छात्रों ने जीते स्वर्ण
पीएम मोदी के मुताबिक भौतिकी ओलंपियाड में भारतीय दल के सभी पांच छात्रों ने स्वर्ण पदक हासिल किए और भारत ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय छात्रों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और दल के सभी सदस्यों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि देश के छात्र अब दुनिया के सबसे कठिन वैज्ञानिक मुकाबलों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

जीव विज्ञान और गणित में भी शानदार प्रदर्शन
उन्होंने जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। इस प्रतियोगिता में सभी छात्रों ने पदक हासिल किए, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल रहा। वहीं गणित ओलंपियाड में भारतीय दल ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। पीएम मोदी ने इन उपलब्धियों को युवाओं के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच से जोड़ते हुए उनकी सराहना की।

अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी का असर
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और युवाओं की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का फैसला अब सकारात्मक नतीजे दे रहा है। भारत का पहला निजी रॉकेट तैयार होना युवाओं के कौशल, जुनून और धैर्य का उदाहरण है। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी से देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

खेलों में बढ़ती दिलचस्पी पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने देश में बढ़ती खेल संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ग्लासगो में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की।

पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत का जिक्र
पीएम मोदी ने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु की हालिया सफलता को भी देश के लिए गर्व का क्षण बताया। जापान ओपन का खिताब जीतकर सिंधु इस प्रतियोगिता को जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल जगत की बड़ी सफलता बताया। सिंधु की इस ऐतिहासिक जीत की आधिकारिक पुष्टि प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी की है।

महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि भी चर्चा में
प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर मिली टेस्ट जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस जीत को उन्होंने देश में महिलाओं के खेल और बढ़ती खेल संस्कृति से जोड़कर देखा।

संस्कृत को फुटबॉल से जोड़ने की अनोखी कोशिश
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने केरल के एर्णाकुलम जिले के एक स्कूल की पहल की भी सराहना की। यहां शिक्षक अभिलाष ने बच्चों के बीच संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए ‘अक्षरकंदुक’ नाम से एक पहल शुरू की है। इस परियोजना में फुटबॉल से जुड़े शब्दों को संस्कृत के अक्षरों से जोड़कर बच्चों को पढ़ाया जाता है। इससे बच्चों को भाषा सीखने के साथ खेलों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

कश्मीर की पारंपरिक चटाई को बचाने की पहल
प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ के संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक कलाएं और स्थानीय शिल्प हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। इनसे जुड़े हुनर को बचाना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि सदियों पुरानी परंपराएं समय के साथ खत्म न हों।

स्वतंत्रता दिवस से पहले पीएम की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने लोगों से तिरंगे के साथ जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोगों से माईगव मंच के जरिए अपने विचार और सुझाव साझा करने को भी कहा।

‘मन की बात’ के इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने एक तरफ कारगिल युद्ध के वीर जवानों के बलिदान को याद किया, तो दूसरी तरफ जल संरक्षण, विज्ञान, खेल, अंतरिक्ष और पारंपरिक कला के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों और युवाओं की उपलब्धियों को देश के सामने रखा। संबोधन में बार-बार यह संदेश दिखाई दिया कि देश की प्रगति केवल बड़े शहरों या संस्थानों से नहीं, बल्कि गांवों, पंचायतों, स्कूलों और युवाओं की छोटी-बड़ी पहलों से भी आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने किन उपलब्धियों को सबसे ज्यादा महत्व दिया और उनके संबोधन में कौन-सी बातें ऐसी रहीं जिन पर देशभर की नजर रही—यह जानने के लिए पूरा वीडियो देखें।

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कारगिल के वीरों से लेकर ओलंपियाड के गोल्ड मेडल तक… मन की बात में पीएम मोदी ने जब सुनाई देश की कहानी

By Malay Ojha | Published: 26 July 2026 at 12:33 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 26 जुलाई को याद करते हुए कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और देश के युवाओं की उपलब्धियों को सामने रखा। पीएम मोदी ने जल संरक्षण से लेकर विज्ञान, खेल और अंतरिक्ष तक कई ऐसे उदाहरण गिनाए, जो उनके मुताबिक बदलते भारत की तस्वीर दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 26 जुलाई के ऐतिहासिक महत्व से की। उन्होंने कहा कि कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती और 26 जुलाई भी ऐसी ही तारीख है। यह दिन देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश अपने वीर सैनिकों के शौर्य और शहादत को नमन कर रहा है।

जल बचाने की मुहिम का किया जिक्र
इसके बाद प्रधानमंत्री ने देश में जल संरक्षण को लेकर चल रहे ‘कैच द रेन’ अभियान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह पहल अब केवल सरकारी अभियान नहीं रह गई है, बल्कि लोगों की भागीदारी से एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले रही है। पीएम मोदी ने अलग-अलग राज्यों में पानी बचाने और पुराने जलस्रोतों को दोबारा उपयोगी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

सीधी में बने करीब 1500 नए तालाब
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां बड़ी संख्या में नए तालाब तैयार किए गए हैं। उनके मुताबिक करीब 1500 नए तालाब बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है। उन्होंने नरसिंहपुर में पुराने अमृत सरोवरों के कायाकल्प का भी जिक्र किया और बताया कि जलस्रोतों को बचाने के ऐसे प्रयास आने वाले समय में काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

नासिक से नंद्याल तक पानी बचाने की पहल
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के नासिक में वर्षा जल को सहेजने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी तारीफ की। इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के नंद्याल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ग्राम पंचायतों ने मिलकर पुराने और ऐतिहासिक तालाबों को फिर से जीवित करने की दिशा में काम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब स्थानीय लोग किसी अभियान से जुड़ते हैं तो उसका असर लंबे समय तक दिखाई देता है।

विज्ञान के मैदान में भारतीय युवाओं का जलवा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय छात्रों की वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी खास जगह दी। उन्होंने कहा कि देश की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। पीएम मोदी ने इसे भारत के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं की यह सफलता देश की नई पीढ़ी की प्रतिभा और मेहनत को दिखाती है।

भौतिकी में सभी पांच छात्रों ने जीते स्वर्ण
पीएम मोदी के मुताबिक भौतिकी ओलंपियाड में भारतीय दल के सभी पांच छात्रों ने स्वर्ण पदक हासिल किए और भारत ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय छात्रों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और दल के सभी सदस्यों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि देश के छात्र अब दुनिया के सबसे कठिन वैज्ञानिक मुकाबलों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

जीव विज्ञान और गणित में भी शानदार प्रदर्शन
उन्होंने जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। इस प्रतियोगिता में सभी छात्रों ने पदक हासिल किए, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल रहा। वहीं गणित ओलंपियाड में भारतीय दल ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। पीएम मोदी ने इन उपलब्धियों को युवाओं के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच से जोड़ते हुए उनकी सराहना की।

अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी का असर
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और युवाओं की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का फैसला अब सकारात्मक नतीजे दे रहा है। भारत का पहला निजी रॉकेट तैयार होना युवाओं के कौशल, जुनून और धैर्य का उदाहरण है। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी से देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

खेलों में बढ़ती दिलचस्पी पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने देश में बढ़ती खेल संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ग्लासगो में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की।

पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत का जिक्र
पीएम मोदी ने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु की हालिया सफलता को भी देश के लिए गर्व का क्षण बताया। जापान ओपन का खिताब जीतकर सिंधु इस प्रतियोगिता को जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल जगत की बड़ी सफलता बताया। सिंधु की इस ऐतिहासिक जीत की आधिकारिक पुष्टि प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी की है।

महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि भी चर्चा में
प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर मिली टेस्ट जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस जीत को उन्होंने देश में महिलाओं के खेल और बढ़ती खेल संस्कृति से जोड़कर देखा।

संस्कृत को फुटबॉल से जोड़ने की अनोखी कोशिश
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने केरल के एर्णाकुलम जिले के एक स्कूल की पहल की भी सराहना की। यहां शिक्षक अभिलाष ने बच्चों के बीच संस्कृत को लोकप्रिय बनाने के लिए ‘अक्षरकंदुक’ नाम से एक पहल शुरू की है। इस परियोजना में फुटबॉल से जुड़े शब्दों को संस्कृत के अक्षरों से जोड़कर बच्चों को पढ़ाया जाता है। इससे बच्चों को भाषा सीखने के साथ खेलों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

कश्मीर की पारंपरिक चटाई को बचाने की पहल
प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ के संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक कलाएं और स्थानीय शिल्प हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। इनसे जुड़े हुनर को बचाना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि सदियों पुरानी परंपराएं समय के साथ खत्म न हों।

स्वतंत्रता दिवस से पहले पीएम की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने लोगों से तिरंगे के साथ जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोगों से माईगव मंच के जरिए अपने विचार और सुझाव साझा करने को भी कहा।

‘मन की बात’ के इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने एक तरफ कारगिल युद्ध के वीर जवानों के बलिदान को याद किया, तो दूसरी तरफ जल संरक्षण, विज्ञान, खेल, अंतरिक्ष और पारंपरिक कला के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों और युवाओं की उपलब्धियों को देश के सामने रखा। संबोधन में बार-बार यह संदेश दिखाई दिया कि देश की प्रगति केवल बड़े शहरों या संस्थानों से नहीं, बल्कि गांवों, पंचायतों, स्कूलों और युवाओं की छोटी-बड़ी पहलों से भी आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने किन उपलब्धियों को सबसे ज्यादा महत्व दिया और उनके संबोधन में कौन-सी बातें ऐसी रहीं जिन पर देशभर की नजर रही—यह जानने के लिए पूरा वीडियो देखें।

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