By Malay Ojha | Published: 29 July 2026 at 12:23 PM
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के शास्त्री नगर थाने में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने पुलिस से प्रशांत किशोर के उस दावे को लेकर विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने एनडीए की ओर से जारी नीतीश कुमार के वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार और फर्जी बताया था। बांकीपुर चुनाव के बीच हुई इस शिकायत ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
नीरज कुमार की शिकायत ऐसे समय सामने आई है, जब बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। प्रशांत किशोर इस सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने नीतीश कुमार के कथित चुनावी अपील वाले वीडियो की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब उनके इसी बयान को लेकर जेडीयू की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्रशांत किशोर के बयान पर आपत्ति
प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि एनडीए की ओर से जारी किया गया नीतीश कुमार का वीडियो असली नहीं है। उनका कहना था कि वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से तैयार किया गया है और नीतीश कुमार ने उसमें कही गई बातें वास्तव में नहीं कही हैं। इसी दावे को लेकर नीरज कुमार ने आपत्ति जताई है और पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कदम उठाने की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने वीडियो को फर्जी बताते हुए यह भी चुनौती दी थी कि अगर इसे सही साबित कर दिया जाए तो वह बांकीपुर से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने को तैयार हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
बांकीपुर में चुनावी मुकाबला पहले से ही चर्चा में है। ऐसे में नीतीश कुमार के वीडियो को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से निकलकर पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। नीरज कुमार की शिकायत के बाद इस मामले में आगे पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशांत किशोर के बयान को लेकर जेडीयू और जन सुराज के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
क्या था प्रशांत किशोर का दावा?
दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के नाम से जारी किए गए वीडियो पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि वीडियो को ध्यान से देखने पर उन्हें इसमें AI के जरिए किए गए बदलाव नजर आते हैं। उनका दावा था कि यह नीतीश कुमार का मूल वीडियो नहीं है और न ही उसमें कही गई बात उनके वास्तविक बयान का हिस्सा है।
भाजपा पर भी साधा था निशाना
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव में हार के डर से नीतीश कुमार के नाम पर ऐसा वीडियो जारी किया गया है। उनका कहना था कि अगर नीतीश कुमार ने वास्तव में वही बात कही है, जो वीडियो में दिखाई जा रही है, तो उन्हें किसी पत्रकार के सामने दोबारा वही बयान देना चाहिए। प्रशांत किशोर ने यहां तक कहा था कि अगर वीडियो सही साबित हो जाता है तो वह बांकीपुर चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए तैयार हैं।
‘जनता ने अपना मन बना लिया है’
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि इस तरह के वीडियो से चुनाव में कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। उनके मुताबिक, बांकीपुर की जनता पहले ही अपना मन बना चुकी है। उन्होंने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव हार चुकी है और अब केवल हार के अंतर को लेकर सवाल बचा है। उनके इस बयान के बाद ही वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
जेडीयू की ओर से आया पलटवार
अब नीरज कुमार की शिकायत को इसी विवाद पर जेडीयू की ओर से बड़ा पलटवार माना जा रहा है। शिकायत में प्रशांत किशोर के दावे को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। हालांकि, वीडियो को लेकर उठे आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच के बाद ही साफ होगी। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच यह विवाद चुनावी राजनीति का एक अहम मुद्दा बन गया है।
अब आगे क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि शास्त्री नगर थाने में दी गई शिकायत पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। यदि पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाती है तो वीडियो की वास्तविकता, उसे जारी करने की प्रक्रिया और प्रशांत किशोर के आरोपों की सच्चाई जैसे सवाल भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर के बयान के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी प्रक्रिया की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

