By aryavartalive | Published: 16 September 2026 at 02:01 PM
बिहार कैबिनेट के 17 फैसलों को लेकर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि एक ही बैठक में धार्मिक पर्यटन, जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, कृषि, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए हैं। शर्मा ने खास तौर पर गया के विष्णुपद मंदिर के विकास, सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना और बाढ़ प्रबंधन के लिए मंजूर राशि को महत्वपूर्ण बताया।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को हरी झंडी
कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़ की मंजूरी दी है। दोनों प्रमुख परियोजनाओं की अनुमानित लागत मिलाकर ₹3,516.05 करोड़ है। विष्णुपद क्षेत्र की योजना में मंदिर परिसर के साथ मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट, पैदल पुल, डोरमेट्री और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
बाढ़ और सिंचाई के लिए ₹1,000 करोड़
राज्य में बाढ़ और सिंचाई से जुड़े कामों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹1,000 करोड़ की अग्रिम राशि मंजूर की गई है। इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े जरूरी कार्यों में किया जाएगा।
मखाना और बागवानी पर भी सरकार का जोर
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मखाना विकास योजना के लिए करीब ₹89.80 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। इसके अलावा एकीकृत बागवानी मिशन से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। इन योजनाओं का फोकस उत्पादन बढ़ाने, किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर है।
125 दिन के रोजगार से जुड़ा फैसला
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके तहत 125 दिनों तक रोजगार से जुड़े प्रावधान किए गए हैं। सरकार का फोकस ग्रामीण परिवारों के लिए काम के अवसर बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर है।
मेडिकल कॉलेजों में 366 पदों पर भर्ती
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की संविदा पर नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है। सरकारी दंत महाविद्यालयों में शिक्षकीय पदों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
जलस्रोतों की गाद के इस्तेमाल को लेकर नई नीति
कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नदियों, जलाशयों और दूसरे जलस्रोतों से निकाली गई गाद का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में किए जाने का रास्ता तैयार होगा। इससे जलस्रोतों की क्षमता बहाल करने और गाद के उपयोग की व्यवस्था बनाने पर जोर रहेगा।
एक बैठक में कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले
15 सितंबर की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें धार्मिक पर्यटन, जल संसाधन, बाढ़ प्रबंधन, कृषि, ग्रामीण रोजगार, स्वास्थ्य, विमानन और खनन जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे। सरकार के फैसलों का वास्तविक असर अब इन योजनाओं के जमीन पर लागू होने और तय समय में काम पूरा होने पर निर्भर करेगा।
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