By Malay Ojha | Published: 06 October 2026 at 12:36 PM
पटना में मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच इमरजेंसी सायरन की आवाज सुनाई दे सकती है। इसे लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नागरिक सुरक्षा निदेशालय के न्यू पुनाईचक स्थित नियंत्रण कक्ष में लगाए गए आपातकालीन सायरन सिस्टम का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग सायरन संकेत बजाकर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची जाएगी।
नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर अफवाह या भ्रम में न आएं। विभाग के मुताबिक यह केवल तकनीकी जांच है और इसका किसी वास्तविक खतरे से कोई संबंध नहीं है। लोगों से इस दौरान धैर्य बनाए रखने को कहा गया है।
चेतावनी और खतरा टलने के संकेत भी बजेंगे
टेस्ट के दौरान सिर्फ एक तरह की आवाज नहीं होगी। सायरन सिस्टम में तय किए गए अलग-अलग संकेतों को बजाकर उनकी कार्यक्षमता जांची जाएगी। इनमें चेतावनी और खतरा टलने यानी ‘ऑल क्लियर’ का संकेत भी शामिल है।
2 से 3 किलोमीटर तक सुनाई दे सकती है आवाज
नए सायरन सिस्टम की आवाज करीब 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में सुनाई देने की क्षमता बताई गई है। इसलिए पटना के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी दोपहर के समय सायरन सुनाई दे सकता है।
किसी आपदा या हमले का संकेत नहीं
आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि इस परीक्षण का किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आग, बाढ़, भूकंप या दूसरी आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है। इसलिए सायरन सुनकर बिजली बंद करने या किसी तरह की अलग कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
पहले भी हो चुकी है नागरिक सुरक्षा की मॉक ड्रिल
पटना में इससे पहले भी नागरिक सुरक्षा से जुड़े अभ्यास किए जा चुके हैं। 14 मई 2026 को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाने और निर्धारित इलाकों में रोशनी बंद करने का अभ्यास किया गया था। हालांकि मंगलवार का कार्यक्रम उस तरह की मॉक ड्रिल नहीं, बल्कि नई सायरन प्रणाली का तकनीकी परीक्षण है।
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