By Malay Ojha | Published: 14 October 2026 at 05:01 PM
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया था। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सजा सुनाए जाने के दौरान मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे। फैसला सुनने के बाद दोनों रोने लगे। दूसरी ओर, सौरभ के परिवार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया। परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही न्याय मिलने की उम्मीद थी और वे दोनों दोषियों के लिए कड़ी सजा चाहते थे।
सजा से पहले मुस्कान ने बेटियों का दिया हवाला
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे अदालत ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा के बारे में उनकी बात सुनी। मुस्कान से पूछा गया कि दोषी ठहराए जाने के बाद वह सजा के संबंध में क्या कहना चाहती है। इस पर उसने अपनी दोनों बेटियों का जिक्र करते हुए उनके देखभाल की व्यवस्था करने की बात कही। इसके बाद वह चुप हो गई।
साहिल ने सजा पर कुछ भी कहने से किया इनकार
अदालत ने साहिल शुक्ला से भी सजा के बारे में उसका पक्ष पूछा। साहिल ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान जज ने उससे यह भी पूछा कि क्या वह पहले किसी अपराध में शामिल रहा है। इस पर साहिल ने किसी पुराने अपराध में शामिल होने से इनकार किया।
सरकारी वकील ने मांगी थी फांसी की सजा
सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील केके चौबे ने दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं, बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने कम सजा देने की अपील की थी। उन्होंने मुस्कान की दो बेटियों और उसके बुजुर्ग माता-पिता की परिस्थितियों का हवाला दिया था।
हत्या के बाद शव के किए गए थे पांच टुकड़े
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। पुलिस की जांच के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे देश में मामला चर्चा का विषय बन गया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
जुलाई 2025 में शुरू हुआ था मुकदमे का ट्रायल
जिला अदालत में जुलाई 2025 में मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। अभियोजन पक्ष ने दोनों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए और कड़ी सजा की मांग की। अदालत ने पहले दोनों को हत्या और साक्ष्य छिपाने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। इसके बाद सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और बुधवार को मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया।
सौरभ के भाई ने कहा- परिवार को इंसाफ मिला
फैसले के बाद सौरभ के भाई बबलू ने कहा कि परिवार को अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि परिवार शुरू से ही दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा था। बबलू के मुताबिक, अगर आरोपी पक्ष आगे कानूनी कार्रवाई करता है तो उनका परिवार भी अपना पक्ष रखेगा।
बच्चियों को लेकर परिवार ने रखी अपनी बात
सौरभ के भाई ने यह भी कहा कि उनका परिवार मुस्कान से कोई संबंध नहीं रखना चाहता। दोनों बच्चियों के संबंध में उन्होंने कहा कि परिवार मुस्कान को अपनाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने डीएनए टेस्ट कराने के लिए दबाव बनाए जाने की स्थिति में भी इसके लिए तैयार नहीं होने की बात कही।
अब आगे क्या होगा?
अदालत के फैसले के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। मृत्युदंड की सजा के खिलाफ अपील और उसकी पुष्टि से जुड़ी प्रक्रिया लागू कानून के अनुसार होगी। इस फैसले के साथ सौरभ राजपूत हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है।
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