By Malay Ojha | Published: 14 October 2026 at 07:56 PM
बिहार में सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तीसरे चरण के तहत वर्ष 2029-30 तक 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत सरकारी भवनों की छतों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा।
योजना को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को पटना स्थित विद्युत भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सरकारी भवनों की पहचान, सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। सभी विभागों से उनके अधीन आने वाले सरकारी भवनों की सूची मांगी गई है, ताकि उपयुक्त भवनों का चयन कर काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
सरकारी भवनों की छतों से बनेगी सौर ऊर्जा
जल-जीवन-हरियाली अभियान के फेज-3 के तहत सरकारी भवनों पर ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मॉडल अपनाया जाएगा। इस मॉडल के तहत सोलर परियोजनाओं को तय व्यवस्था के अनुसार विकसित और संचालित किया जाएगा।
विभागों से मांगी गई भवनों की सूची
योजना के लिए कुछ विभाग अपने अधीन आने वाले भवनों की सूची उपलब्ध करा चुके हैं, जबकि बाकी विभागों से जानकारी जुटाई जा रही है। सभी सूचियां मिलने के बाद भवनों की उपलब्धता और छतों की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर तय होगा कि किन सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं।
PPA और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा
बैठक में बिजली खरीद समझौते यानी पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के प्रारूप पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA), संबंधित सरकारी विभागों और सोलर डेवलपर की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। परियोजनाओं को तय नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
मिशन मोड में काम पूरा करने का निर्देश
BREDA के निदेशक राहुल कुमार ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर योजना को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 500 मेगावाट का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। भवनों की सूची मिलने और उनकी उपयुक्तता का आकलन होने के बाद परियोजना से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटाने की तैयारी
ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने कहा कि सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की पहल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर
राज्य में सरकारी भवनों की छतों का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए करने से नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की उम्मीद है। अब योजना की अगली प्रक्रिया भवनों की सूची जुटाने, उपयुक्त छतों की पहचान करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी। वर्ष 2029-30 तक 500 मेगावाट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य इस अभियान का प्रमुख आधार है।
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