By Malay Ojha | Published: 15 October 2026 at 10:27 AM
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार, 15 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्ष से जुड़े कई अहम मामलों पर सुनवाई होनी है। चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच सुनवाई करेगी। इसके साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारेबाजी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मामले भी अदालत के सामने आ सकते हैं।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के 13 नेताओं ने चुनावों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका पर आज होने वाली सुनवाई को अहम माना जा रहा है। मामले में विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर अदालत का रुख क्या रहता है, इस पर नजर रहेगी।
दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मामला भी पहुंचेगा कोर्ट
10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और मेट्रो व सड़कों को बंद किए जाने से जुड़े मामले में भी सुनवाई होनी है। इस मामले में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच इस पर सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट परिसर में नारेबाजी पर अवमानना की मांग
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के दौरान परिसर में हुए हंगामे और नारेबाजी को लेकर भी याचिका दायर की गई है। याचिका में संबंधित नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने और राजनीतिक गतिविधियों के लिए अदालत परिसर के इस्तेमाल पर रोक लगाने जैसी मांगें की गई हैं।
इस घटनाक्रम को लेकर डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस यानी दस्तक संगठन ने भी राहुल गांधी को खुला पत्र लिखा है। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
SIR पर ओवैसी की याचिका पर भी नजर
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले पर भी आज सुनवाई होने की संभावना है। ओवैसी पहले से ही SIR का विरोध करते रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए पिछला दरवाजा खोलकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने जैसी स्थिति बनाई जा सकती है।
SIR को लेकर ओवैसी केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में आज सुप्रीम कोर्ट में चुनावी प्रक्रिया, विपक्ष की याचिकाओं और अदालत परिसर से जुड़े विवादों पर होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर रहेगी। हालांकि, सभी मामलों में सुनवाई की वास्तविक स्थिति और अदालत के आदेशों की पुष्टि आधिकारिक कार्यवाही से की जानी चाहिए।
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