By Malay Ojha | Published: 17 October 2026 at 12:37 PM
बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद समर्थित प्रत्याशी कुमर राऊत ने दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों का दौरा कर शिक्षकों से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें सभी वर्गों के शिक्षकों का समर्थन मिल रहा है। राऊत ने इसके पीछे लालू प्रसाद यादव के विचारों और तेजस्वी यादव के कार्यकाल में शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में किए गए कामों के प्रति शिक्षकों के जुड़ाव को वजह बताया।
कुमर राऊत ने कहा कि जनसंपर्क अभियान के दौरान शिक्षक अपने अधिकारों, सम्मान और बेहतर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, शिक्षकों से मिल रहे स्नेह और समर्थन ने उनकी उम्मीदों को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद में उठाना और उनके हक की लड़ाई लड़ना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
तेजस्वी यादव के कार्यकाल में बहाली का किया जिक्र
राऊत ने अपने प्रचार के दौरान बिहार में शिक्षक नियुक्तियों और रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार में तेजस्वी यादव के कार्यकाल के दौरान 70 दिनों में 2.17 लाख शिक्षकों की बहाली हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब चार लाख शिक्षकों को नियमित करने और वेतनमान देने की दिशा में फैसले लिए गए तथा उन्हें लागू किया गया।
राजद नेता भी कर रहे जनसंपर्क
कुमर राऊत के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल के नेता भी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय में पार्टी के नेता शिक्षकों के बीच पहुंचकर उनके पक्ष में जनसंपर्क कर रहे हैं। अभियान के दौरान शिक्षकों से मुलाकात कर चुनाव में समर्थन मांगा जा रहा है।
23 अक्टूबर को प्रथम वरीयता का मत देने की अपील
कुमर राऊत ने कहा कि शिक्षकों से मिल रहा स्नेह, आशीर्वाद और समर्थन उनके संकल्प को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों के अधिकारों की आवाज सदन तक पहुंचाने और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए प्रयास करते रहेंगे। राऊत ने शिक्षकों से 23 अक्टूबर को प्रथम वरीयता का मत देकर उन्हें समर्थन देने की अपील की।
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