By Malay Ojha | Published: 15 September 2026 at 05:42 PM
बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मंगलवार को राहत की बड़ी पहल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में 579.23 करोड़ रुपये की आनुग्रहिक राहत राशि DBT के जरिए भेजी। हर प्रभावित परिवार को 7 हजार रुपये की सहायता दी गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस फैसले को संवेदनशील और जनहित से जुड़ा कदम बताया।
संजय सरावगी ने कहा कि बाढ़ जैसी मुश्किल स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक मदद मिलना जरूरी है। DBT के जरिए राशि सीधे बैंक खाते में भेजे जाने से राहत पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती चरण में 15 जिलों के सत्यापित प्रभावित परिवारों को यह सहायता दी गई है।
करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
उन्होंने कहा कि इस बार बाढ़ का असर बिहार के 15 जिलों तक पहुंचा है। 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और बड़ी संख्या में गांव व शहरी इलाके प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 49.72 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। गंगा, गंडक, कोसी और पुनपुन समेत कई नदियों में उफान के कारण स्थिति गंभीर हुई।
छूटे परिवारों को भी सूची में जोड़ने की बात
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई पात्र परिवार सरकारी सहायता से बाहर न रह जाए। यदि किसी योग्य परिवार का नाम राहत सूची में नहीं आया है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इससे उन परिवारों तक भी मदद पहुंच सकेगी, जिन्हें पहली सूची में जगह नहीं मिल पाई।
केंद्र भी बिहार की स्थिति पर नजर रख रहा
संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार बिहार की बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनके मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को बताया था कि बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र की टीम 16 सितंबर को बिहार पहुंचेगी।
शिवराज चौहान के नेतृत्व में आएगी केंद्रीय टीम
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आने वाली टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों और नुकसान का आकलन करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक टीम के दौरे का उद्देश्य जमीन पर स्थिति को समझना और क्षति की रिपोर्ट तैयार करना है। इससे आगे की सहायता और पुनर्वास की जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी।
राहत के साथ पुनर्निर्माण पर भी जोर
संजय सरावगी ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों को दोबारा मजबूत तरीके से खड़ा करने पर भी होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF और SDRF की टीमों के काम की सराहना करते हुए कहा कि राहत और पुनर्वास के प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत है।
प्रशासनिक टीमों की सराहना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई, राहत शिविर और बचाव दलों की सक्रियता के साथ प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना जरूरी है, ताकि बाढ़ के बाद लोगों की जिंदगी जल्द सामान्य हो सके।
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