By aryavartalive | Published: 17 October 2026 at 09:51 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े कानून के कुछ प्रावधानों को लागू करने से छूट दे दी है। उन्होंने इस फैसले के पीछे अमेरिका के राष्ट्रीय हित को वजह बताया है। इस कदम से भारत जैसे देशों पर भारी अमेरिकी टैरिफ लगाने की आशंका फिलहाल कम हो सकती है। हालांकि, इसे भारत को टैरिफ से स्थायी राहत मिलने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
ट्रंप ने कार्यकारी आदेश जारी कर कानून में मौजूद छूट के अधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रतिबंधों और शुल्क से जुड़ी कार्रवाई में राहत देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को भी इसकी जानकारी और प्रमाण दिया है।
भारत को क्यों मिल सकती है राहत?
भारत लंबे समय से रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है। इसी वजह से रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और अतिरिक्त टैरिफ की संभावनाओं को लेकर भारत पर भी असर पड़ने की आशंका थी। अगर भारतीय सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाता, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो सकते थे। इसका असर भारत के निर्यातकों और अमेरिका के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों पर पड़ सकता था।
टैरिफ का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं
फिलहाल ट्रंप के फैसले से संभावित टैरिफ को लेकर राहत की उम्मीद जरूर बनी है, लेकिन भारत को स्थायी छूट मिल गई है, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। अमेरिकी प्रशासन भविष्य में अपनी नीति बदल सकता है। ऐसे में भारत के व्यापार और निर्यात पर टैरिफ का खतरा दोबारा पैदा हो सकता है।
रूस पर दबाव बनाने के लिए लाया गया कानून
इस कानून का मकसद यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में रूस की मदद करने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। इस व्यवस्था के जरिए रूस के व्यापारिक साझेदार देशों को आर्थिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती थी।
प्रतिबंधों में छूट देने का अधिकार
कानून में अमेरिकी राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंधों से छूट देने या राहत प्रदान करने का अधिकार भी दिया गया है। इसी प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को प्रमाणित किया है कि मौजूदा समय में छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। इस तरह उन्होंने कानून के तहत उपलब्ध अधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रतिबंधों और शुल्क से जुड़ी कार्रवाई में राहत देने का फैसला किया।
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