By Malay Ojha | Published: 16 June 2026 at 10:44 AM
NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले Telegram पर फैल रही कथित पेपर लीक अफवाहों और भ्रामक संदेशों को रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सुविधाओं पर अस्थायी रोक लगाने और संदिग्ध चैनलों पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
NEET री-एग्जाम को लेकर सरकार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं दिख रही है। शिक्षा मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों और NTA के अधिकारियों के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली झूठी सूचनाएं लाखों छात्रों के बीच भ्रम पैदा कर सकती हैं।
Telegram चैनलों पर नजर
हाल के दिनों में कई Telegram चैनलों पर कथित तौर पर NEET री-एग्जाम का प्रश्नपत्र बेचने या उपलब्ध कराने के दावे किए गए थे। इन दावों के सामने आने के बाद NTA ने संबंधित लिंक और चैनलों की जानकारी साइबर अपराध एजेंसियों को भेजी। एजेंसी ने साफ कहा कि पेपर लीक के दावे सत्यापित नहीं हैं और छात्रों को ऐसे संदेशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
फर्जी दावों के खिलाफ अभियान
सरकार ने Meta, Google और Telegram समेत कई डिजिटल मंचों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर फर्जी जानकारी पर रोक लगाने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से पहले सक्रिय होने वाले कई समूह झूठे पेपर लीक, क्लिकबेट पोस्ट और भ्रामक संदेश फैलाकर छात्रों को गुमराह करते हैं। ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
21 जून को ही होगी परीक्षा
री-एग्जाम को टालने की अटकलों के बीच NTA ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा इंतजाम पहले से अधिक मजबूत किए गए हैं।
NTA ने शुरू किया शिकायत पोर्टल
परीक्षा से पहले फर्जी पेपर लीक, प्रतिरूपण और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए NTA ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। एजेंसी का कहना है कि कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से सूचना साझा कर सकता है, जिस पर जांच की जाएगी।
सुरक्षा के लिए कई नए इंतजाम
इस बार परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं। परीक्षा कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों की निगरानी को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। NTA पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुका है कि री-एग्जाम के लिए पहले से अधिक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
छात्रों को क्या सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित प्रश्नपत्र, लीक सामग्री या पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने वाले संदेशों से दूर रहना जरूरी है। NTA लगातार कह रहा है कि ऐसे अधिकांश दावे फर्जी हैं और इनका मकसद छात्रों को ठगना या भ्रमित करना होता है।
क्यों अहम है यह परीक्षा?
देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। पहले परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में चिंता और असमंजस का माहौल था। अब सरकार और NTA की कोशिश है कि 21 जून को होने वाला री-एग्जाम पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके।

