By Malay Ojha | Published: 29 September 2026 at 08:57 PM
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की भगवान राम और भगवान शिव को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान राम और शिव को लेकर उत्तर-दक्षिण की धार्मिक और राजनीतिक पहचान की तुलना की थी।
संजय सरावगी ने कहा कि भगवान किसी राज्य, क्षेत्र या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। उनके मुताबिक धार्मिक आस्था को उत्तर और दक्षिण के आधार पर देखने से सामाजिक और सांस्कृतिक विभाजन की बहस खड़ी होती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में अपना रुख साफ करने की मांग की।
कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक बहस में लगातार सनातन और हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को चुनावी राजनीति का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए।
‘भारत की परंपरा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं’
सरावगी ने कहा कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक अलग-अलग रूपों में मौजूद हैं। उनके अनुसार क्षेत्रीय विविधता देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और इसे राजनीतिक पहचान के आधार पर अलग-अलग खांचे में नहीं देखा जाना चाहिए।
राम और शिव को लेकर क्या बोले थे रेवंत रेड्डी?
रेवंत रेड्डी ने 28 सितंबर को दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था कि शिव गरीबों के भगवान हैं, जबकि राम अमीरों के भगवान हैं। उन्होंने BJP पर भगवान राम को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया और पूछा कि भाजपा नेता ‘हर हर महादेव’ का नारा क्यों नहीं लगाते।
विवाद पर कांग्रेस का भी पक्ष सामने आया
इस बयान के बाद BJP नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। वहीं कांग्रेस ने रेवंत रेड्डी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का संदर्भ भाजपा द्वारा भगवान राम के राजनीतिक इस्तेमाल की आलोचना से था, न कि धार्मिक आस्था का अपमान करने से।
संजय सरावगी ने फिर उठाया ‘राम-शिव’ प्रसंग
संजय सरावगी ने अपने बयान में रामायण के लंकाकांड का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले महादेव की पूजा की थी। उन्होंने कांग्रेस से समाज में सद्भाव और सभी धार्मिक आस्थाओं के सम्मान को प्राथमिकता देने की अपील की।
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