By Malay Ojha | Published: 26 September 2026 at 04:42 PM
जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक किए जाने के विवाद में बिहार की सियासत और गरमा गई है। शनिवार को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और विधायक निशा सिंह के नेतृत्व में महिला मोर्चा की वरिष्ठ पदाधिकारी पटना के सचिवालय थाना पहुंचीं। विधान पार्षद शीला पंडित ने यहां लिखित आवेदन देकर राजद सांसद मीसा भारती के खिलाफ FIR दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार से जुड़ी कथित तस्वीर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने सार्वजनिक की गई और सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुई। भाजपा नेताओं का कहना है कि इससे पीड़िता की पहचान सामने आने का खतरा पैदा हुआ।
निजता और सुरक्षा का उठाया मुद्दा
शीला पंडित ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने आना गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच करने और जांच में कानून का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
निशा सिंह ने भी की जांच की मांग
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष निशा सिंह ने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर नाबालिग की निजता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच की मांग की।
POCSO और JJ Act का दिया हवाला
आवेदन में POCSO Act की धारा 23 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 का हवाला दिया गया है। इन प्रावधानों में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी या तस्वीर के प्रकाशन पर रोक से जुड़े नियम हैं।
डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की मांग
भाजपा की ओर से पुलिस से कथित तस्वीर, वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट, URL और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि ये सामग्री जांच में अहम हो सकती है।
तस्वीर विवाद पर पहले भी बढ़ा सियासी दबाव
इस पूरे मामले में इससे पहले राजद सांसद मीसा भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग को लेकर सचिवालय थाने का रुख किया था। विवाद उस तस्वीर से जुड़ा है, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के दिखाई देने का दावा किया गया था। तस्वीर बाद में सोशल मीडिया से हटा दी गई।
सचिवालय थाने में पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR
इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ सचिवालय थाने में FIR दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक मामले में POCSO Act की धारा 23 सहित अन्य कानूनी प्रावधान लगाए गए हैं।
मामले पर सियासी बयानबाजी जारी
अब भाजपा महिला मोर्चा की ओर से मीसा भारती के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बाद मामला और राजनीतिक हो गया है। फिलहाल भाजपा के आवेदन पर पुलिस की आगे की कार्रवाई क्या होगी, इस पर नजर है।
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