By Malay Ojha | Published: 18 June 2026 at 10:13 PM
पटना में खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग विवाद लगातार नया रूप लेता जा रहा है। खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रशासन को दी गई समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत की जांच भी नए चरण में पहुंच गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां विसरा रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय का इंतजार कर रही हैं।
खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद जारी है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद लगातार प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं। अधिकारियों की ओर से दोपहर तक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया।
न्यायिक रास्ता अपनाने की चेतावनी
रौशन आनंद का कहना है कि उन्हें प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। उनका दावा है कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है तो वे न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा वे कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
धरने और विरोध की तैयारी
मामले को लेकर रौशन आनंद पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने साफ कहा था कि या तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाए या फिर उन्हें न्याय दिलाया जाए। अब उनके समर्थकों के बीच फिर से विरोध प्रदर्शन और धरने की चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा मामला
कोचिंग विवाद अब केवल कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं रह गया है। रौशन आनंद ने हाल ही में सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग रखी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में भी इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नेपाल में प्रिंस यादव की मौत बनी पहेली
इस पूरे विवाद के बीच प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है। विराटनगर के एक होटल में उनकी मौत हुई थी। घटना के बाद से नेपाल पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद भी बरकरार सवाल
जांच अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है, लेकिन रिपोर्ट मिलने के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। बताया जा रहा है कि कुछ चिकित्सकीय बिंदुओं को लेकर विशेषज्ञ राय आवश्यक समझी गई है। इसी वजह से रिपोर्ट का गहन अध्ययन कराया जा रहा है।
मेडिकल बोर्ड से ली जा सकती है राय
नेपाल की जांच एजेंसियां मौत के कारणों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना चाहती हैं। जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल बोर्ड की राय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
विसरा रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण कड़ी विसरा रिपोर्ट को माना जा रहा है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत से पहले शरीर में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ, नशीला तत्व या अन्य संदिग्ध रसायन मौजूद था या नहीं।
चार लोगों से लगातार पूछताछ
घटना के समय प्रिंस यादव के साथ मौजूद चार लोगों को नेपाल पुलिस ने हिरासत में रखा हुआ है। उनसे अलग-अलग और सामूहिक रूप से पूछताछ की जा रही है। साथ ही मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच चल रही है।
हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना?
अब तक जांच एजेंसियों ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। प्रिंस यादव की मौत आत्महत्या, दुर्घटना या किसी सुनियोजित साजिश का परिणाम थी, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। यही कारण है कि हर नई जांच रिपोर्ट पर लोगों की नजर बनी हुई है।
जमानत के बाद रौशन आनंद हुए मुखर
हाल ही में रौशन आनंद को पटना की अदालत से नियमित जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद उन्होंने खान सर के खिलाफ अपने आरोपों को और आक्रामक तरीके से उठाना शुरू कर दिया है। वे लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या?
फिलहाल पूरे मामले में दो बड़े सवाल बने हुए हैं। पहला, क्या खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी? दूसरा, क्या प्रिंस यादव की मौत की जांच किसी बड़े खुलासे तक पहुंचेगी? इन दोनों सवालों का जवाब आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विसरा रिपोर्ट से मिल सकता है।
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