By aryavartalive | Published: 25 September 2026 at 08:22 PM
बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जदयू के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ ने अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को वेतन की राशि का चेक सौंपा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार तथा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
ललन सर्राफ ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए यह योगदान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चेक सौंपे जाने के दौरान बिहार में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों पर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक नीतीश कुमार ने भी इसी मौके पर अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी।
बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद पर जोर
ललन सर्राफ ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उनके मुताबिक संकट की इस घड़ी में सक्षम लोगों को भी राहत कार्यों में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
आपदा पीड़ितों को लेकर नीतीश की सोच का जिक्र
ललन सर्राफ ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से यह बात कहते रहे हैं कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। उन्होंने कहा कि इसी सोच से प्रेरणा लेते हुए जदयू परिवार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आया है।
जदयू नेताओं ने भी दिया वेतन का योगदान
बाढ़ राहत के लिए जदयू के नेताओं की ओर से वेतन देने का सिलसिला पहले भी सामने आया है। हाल में पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों की ओर से भी एक माह के वेतन का योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की जानकारी सामने आई थी।
राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की ओर से आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक माह का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की थी। भाजपा की ओर से भी राहत कोष में आर्थिक योगदान किया गया है।
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