Wednesday, June 17, 2026

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मोहर्रम से पहले योगी सरकार सख्त: हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, कहा- यह मातम का मौका है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं

By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 09:02 AM

उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को लेकर योगी सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि मोहर्रम मातम और श्रद्धांजलि का पर्व है, इसे शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य सरकार ने जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ ही 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आने वाले त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोहर्रम से पहले स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित किया जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति न बनने दी जाए।

जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी रोक
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कोई ऐसा कार्य न हो जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या लोगों में भय का माहौल बने।

डीजे और तेज आवाज वाले उपकरणों पर भी नजर
सरकार ने इस बार ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी तय हुए नियम
मोहर्रम जुलूसों के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 10 से 12 फीट के निर्धारित मानकों का पालन कराया जाए और इससे अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए। प्रशासन को पहले से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

नई परंपरा शुरू करने की नहीं होगी अनुमति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी आयोजन के दौरान नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहले से चली आ रही व्यवस्थाओं के अनुसार ही कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं ताकि किसी प्रकार का विवाद खड़ा न हो।

कानून तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या समूह माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक समेत शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है मोहर्रम का धार्मिक महत्व?
मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इसे बेहद पवित्र माना जाता है। यह महीना हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद से जुड़ा हुआ है। इस दौरान शोक और श्रद्धांजलि व्यक्त की जाती है। इसी महीने से इस्लामी नववर्ष की शुरुआत भी होती है। मुस्लिम समुदाय विशेष रूप से मोहर्रम के अवसर पर जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है।

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मोहर्रम से पहले योगी सरकार सख्त: हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, कहा- यह मातम का मौका है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं

By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 09:02 AM

उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को लेकर योगी सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि मोहर्रम मातम और श्रद्धांजलि का पर्व है, इसे शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य सरकार ने जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने के साथ ही 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आने वाले त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोहर्रम से पहले स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद स्थापित किया जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति न बनने दी जाए।

जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी रोक
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कोई ऐसा कार्य न हो जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या लोगों में भय का माहौल बने।

डीजे और तेज आवाज वाले उपकरणों पर भी नजर
सरकार ने इस बार ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी तय हुए नियम
मोहर्रम जुलूसों के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 10 से 12 फीट के निर्धारित मानकों का पालन कराया जाए और इससे अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए। प्रशासन को पहले से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

नई परंपरा शुरू करने की नहीं होगी अनुमति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी आयोजन के दौरान नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहले से चली आ रही व्यवस्थाओं के अनुसार ही कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं ताकि किसी प्रकार का विवाद खड़ा न हो।

कानून तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या समूह माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक समेत शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है मोहर्रम का धार्मिक महत्व?
मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इसे बेहद पवित्र माना जाता है। यह महीना हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद से जुड़ा हुआ है। इस दौरान शोक और श्रद्धांजलि व्यक्त की जाती है। इसी महीने से इस्लामी नववर्ष की शुरुआत भी होती है। मुस्लिम समुदाय विशेष रूप से मोहर्रम के अवसर पर जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है।

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