By Malay Ojha | Published: 18 June 2026 at 07:54 PM
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार रात ऐसी हिंसा में बदल गया जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। नौगई गांव में एक फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगने से भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में नौ लोगों को नामजद किया गया है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
भाजपा नेता समेत तीन लोगों की मौत
इस हिंसक घटना में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह, जो पेशे से शिक्षक बताए जा रहे हैं, भी जिंदगी की जंग हार गए। तीनों मौतों के बाद पूरे इलाके में शोक और तनाव का माहौल है।
फॉर्च्यूनर को घेरने और आग लगाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि रास्ते में फॉर्च्यूनर वाहन को रोककर पहले उसे घेरा गया और फिर ट्रक से टक्कर मारी गई। इसके बाद वाहन में आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि वाहन के दरवाजे लॉक होने की वजह से अंदर बैठे लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।
रेत खनन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार नौगई गांव में रेत उत्खनन को लेकर काफी समय से तनाव बना हुआ था। एक पक्ष का संबंध भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह से बताया जा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मनोज त्रिपाठी और उनके परिवार से जुड़ा है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी थीं।
आईजी पहुंचे मौके पर, बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। इलाके में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि शुरुआती जांच में विवाद की जड़ रेत खनन को लेकर टकराव सामने आया है। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वाहन में आग किन परिस्थितियों में लगी और घटना के पीछे पूरी साजिश क्या थी।
राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा मामला
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विधायक भैयालाल राजवाड़े ने इसे जिले के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। वहीं पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवैध खनन और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन लोगों की मौत वाली इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन और उससे जुड़े विवादों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले हुए विवादों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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