By Malay Ojha | Published: 26 September 2026 at 01:10 PM
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के बाद अब बीजेपी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर बीजेपी और उसके सहयोगियों के खाते में आठ सीटें जाने का गणित बन रहा है। ऐसे में पार्टी के सामने पुराने चेहरों को दोबारा मौका देने और नए नेताओं को राज्यसभा भेजने का सवाल है।
बीजेपी की आठ सीटों में से सात पर मौजूदा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, जबकि एक सीट डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हो चुकी है। कार्यकाल पूरा होने वाले बीजेपी सांसदों में अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।
दो केंद्रीय मंत्रियों के भविष्य पर भी नजर
इन निवर्तमान सांसदों में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों में चर्चा है कि अगर दोनों केंद्र सरकार में अपनी जिम्मेदारी बनाए रखते हैं, तो उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना पर विचार हो सकता है। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
स्मृति ईरानी का नाम भी चर्चा में
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी यूपी से राज्यसभा के संभावित दावेदारों में चर्चा में है। अगस्त में उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय टीम में महामंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्हें हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी भी बनाया गया है। हालांकि, राज्यसभा टिकट को लेकर उनकी उम्मीदवारी की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
हरीश द्विवेदी को लेकर भी अटकलें
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। बस्ती से दो बार सांसद रहे द्विवेदी को हाल में पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी मिली है। उन्हें बिहार और कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में संगठन में उनकी नई भूमिका के बीच राज्यसभा को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
बृजलाल, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य पर भी नजर
पूर्व यूपी डीजीपी बृजलाल का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। दलित समाज से आने वाले बृजलाल बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वहीं सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य के नाम भी संभावित सूची में हैं। सीमा द्विवेदी जौनपुर से तीन बार विधायक रह चुकी हैं, जबकि गीता शाक्य बीजेपी के ओबीसी संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
नीरज शेखर और अरुण सिंह की वापसी पर भी फैसला बाकी
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर का भी राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा है। बीजेपी में आने के बाद उन्हें उच्च सदन भेजा गया था। दूसरी ओर अरुण सिंह भी संभावित दावेदारों में हैं और संगठन में लंबे समय तक जिम्मेदारी निभा चुके हैं। दोनों को दोबारा मौका मिलेगा या नहीं, यह पार्टी के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
नए चेहरों को लेकर भी पार्टी में चर्चा
बीजेपी के सामने इस बार सिर्फ निवर्तमान सांसदों के भविष्य का सवाल नहीं है। पार्टी संगठन में सक्रिय नेताओं और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को भी मौका दे सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बीजेपी की संभावित आठ सीटों में चार से पांच पर नए नाम आने की चर्चा की गई है, लेकिन यह अभी पार्टी के अंदर चल रही अटकलों तक सीमित है।
आधिकारिक सूची के बाद ही तस्वीर साफ होगी
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा। बीजेपी उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि किन पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलता है और किन नए नेताओं की राज्यसभा में एंट्री होती है।
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