By Malay Ojha | Published: 05 June 2026 at 10:47 PM
गाजीपुर में कारोबारी विनीत राय हत्याकांड का मामला अब केवल अपराध की घटना तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्य आरोपी कमलेश चौधरी के एनकाउंटर के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस पर पथराव और हमले की घटना ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। इसके साथ ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू होने से यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता दिखाई दे रहा है।
कमलेश चौधरी के अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की घटना सामने आई। इस हमले में चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जिन लोगों ने हिंसा और पथराव में हिस्सा लिया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
यह विवाद 29 मई को हुई कारोबारी विनीत राय की हत्या के बाद शुरू हुआ। हत्या की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की।
आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम
हत्या के अगले दिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। दो जून को मुख्य आरोपियों पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद पुलिस दबाव और बढ़ गया।
एनकाउंटर के बाद बदल गया घटनाक्रम
तीन जून को पुलिस ने कमलेश चौधरी को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया। पुलिस के अनुसार वह हत्या के मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। हालांकि एनकाउंटर के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी ने एनकाउंटर की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में कुछ मामलों में कार्रवाई के दौरान जातीय आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि घटना की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि किसी भी कार्रवाई को जाति या धर्म के चश्मे से देखने की कोशिश गलत है और इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है।
परिवार ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
कमलेश चौधरी के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना के समय वह दूसरे राज्य में मौजूद था और उसे हिरासत में लेने के बाद मुठभेड़ की कहानी बनाई गई। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
पुलिस पर हमला करने वालों पर मुकदमा
अंतिम संस्कार के दौरान हुए हंगामे को लेकर पुलिस ने छह नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल गाजीपुर का यह मामला अपराध, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोपों के बीच उलझ गया है। एक ओर हत्या की जांच जारी है, तो दूसरी ओर एनकाउंटर और अंतिम संस्कार के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सभी की नजर अब पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

