By Malay Ojha | Published: 06 June 2026 at 10:20 AM
बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद दोनों नेताओं ने अपने सरकारी आवास से तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। पटना स्थित आवास के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सरकार के फैसले के तुरंत बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने आवास पर तैनात जवानों को वहां से हट जाने का निर्देश दिया। जानकारी के अनुसार सुरक्षाकर्मी आवास परिसर छोड़कर बाहर निर्धारित स्थान पर चले गए। आवास के मुख्य गेट पर किसी भी सुरक्षा कर्मी की तैनाती नहीं दिखी, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
जेड प्लस सुरक्षा वापस लेने का आदेश
बिहार सरकार के गृह विभाग ने हाल ही में दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का आदेश जारी किया है। इसके तहत उन्हें दी जा रही जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है। यह सुरक्षा व्यवस्था कई वर्षों से लागू थी और इसमें बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी, एस्कॉर्ट वाहन तथा अन्य विशेष सुविधाएं शामिल थीं।
अब किस तरह मिलेगी सुरक्षा
जेड प्लस सुरक्षा समाप्त होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पूरी तरह बिना सुरक्षा नहीं रहेंगे। दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते विशेष सुरक्षा दल अधिनियम के तहत सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई व्यवस्था के अनुसार राबड़ी देवी को हाउस गार्ड टीम, महिला एवं पुरुष अंगरक्षक, बुलेटप्रूफ वाहन और एस्कॉर्ट वाहन की सुविधा मिलेगी।
लालू प्रसाद को भी मिलेगी विशेष सुरक्षा
नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत लालू प्रसाद यादव को भी हाउस गार्ड टीम, अंगरक्षक, पायलट वाहन, एस्कॉर्ट वाहन और बुलेटप्रूफ वाहन उपलब्ध रहेगा। हालांकि पहले की तुलना में सुरक्षा घेरा काफी सीमित हो गया है, जिससे राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था यथावत रखी गई है। उन्हें पहले की तरह वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। उनकी सुरक्षा में हाउस गार्ड, अंगरक्षक और एस्कॉर्ट वाहन की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर उनकी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा भी घटी
पूर्व मंत्री और विधायक तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। मंत्री पद से हटने के बाद लागू नियमों के तहत अब उन्हें केवल एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी उपलब्ध कराया जाएगा। पहले उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी।
मीसा भारती और राजश्री यादव को भी नई व्यवस्था
राज्यसभा सदस्य मीसा भारती को अब सांसदों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार तीन सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव को एक अंगरक्षक दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था सार्वजनिक गतिविधियों और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है।
राबड़ी आवास विवाद के बाद फिर बढ़ा राजनीतिक तापमान
गौरतलब है कि कुछ समय पहले भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने को लेकर भी बड़ा राजनीतिक विवाद हुआ था। वह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब सुरक्षा में कटौती का मुद्दा सामने आ गया है। ऐसे में विपक्ष इसे राजनीतिक नजरिए से देख रहा है जबकि सरकार इसे नियमों के अनुसार लिया गया प्रशासनिक निर्णय बता रही है।
अब सबकी नजर अगली राजनीतिक प्रतिक्रिया पर
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और उसके बाद लालू-राबड़ी द्वारा सुरक्षाकर्मियों को वापस भेजे जाने की घटना ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

