National

spot_img

पीएम आवास के बाहर राहुल-प्रियंका हिरासत में, प्रदर्शन के बीच सरकार ने मानी बड़ी मांग; संसद में NEET पर चर्चा का भरोसा

By Malay Ojha | Published: 21 July 2026 at 07:17 PM

प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। इससे पहले सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन राहुल गांधी से बातचीत करने पहुंचे। सरकार का दावा है कि बातचीत के दौरान एनईईटी और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया गया था।

मंगलवार को राजधानी में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का मुद्दा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और एनईईटी से जुड़े विवाद को लेकर था। कांग्रेस नेताओं की ओर से केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया गया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने और धरना खत्म करने के लिए समझाने की कोशिश की। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त ने राहुल गांधी से सहयोग करने की अपील की। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह सहयोग कर रहे हैं और पुलिस वहां मौजूद लोगों से हटने के लिए कहे। इसके बाद पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने का निर्देश दिया गया।

पुलिस ने हिरासत में लिया तो सड़क पर लेट गए राहुल
प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के दौरान राहुल गांधी ने हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश की। राहुल गांधी ने अपना हाथ छुड़ाया और कुछ देर के लिए सड़क पर लेट गए। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने वहां से हटाया।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें भी प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि पुलिस का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास के पास इस तरह प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और वहां मौजूदगी से आम लोगों को परेशानी हो रही थी।

धरना स्थल पर पहुंचे जितेंद्र सिंह, राहुल से हुई बातचीत
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के धरने के बीच सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे। दोनों ने राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शन खत्म करने का अनुरोध किया। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार की ओर से यह समझाने की कोशिश की गई कि जिस जगह पर धरना दिया जा रहा है, वह विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।

जितेंद्र सिंह ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बातचीत का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव को वरिष्ठ विपक्षी नेताओं से बातचीत के लिए भेजा गया था। उनके मुताबिक, राहुल गांधी से धरना खत्म करने का अनुरोध किया गया और बातचीत के दौरान एनईईटी तथा उससे जुड़े आंदोलन के मुद्दों को संसद में उठाने की मांग सामने रखी गई।

सरकार ने कहा- संसद में NEET पर चर्चा को तैयार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि सरकार एनईईटी और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार होती है, तो वह धरना खत्म कर देंगे। जितेंद्र सिंह का दावा है कि इसके बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेकर राहुल गांधी को भरोसा दिया गया कि संसद में एनईईटी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है।

सरकार के इस दावे के बाद भी प्रदर्शन तत्काल खत्म नहीं हुआ और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। एक तरफ सरकार का कहना है कि उसने विपक्ष की प्रमुख मांग पर संसद में चर्चा के लिए सहमति जताई, वहीं विपक्ष का जोर छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बना हुआ है।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दे पर सरकार चर्चा से बच रही है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन से पहले छात्रों के समर्थन में सरकार पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्र को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और एनईईटी से जुड़े विवाद को संसद में गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।

वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि संसद में एनईईटी और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर बातचीत के बाद भी धरना जारी रखने को लेकर सवाल उठाए। सरकार का पक्ष है कि जब चर्चा के लिए रास्ता खुला है, तब प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।

छात्रों के मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
दरअसल, एनईईटी से जुड़े विवाद और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े सवालों और छात्रों की शिकायतों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया और बाद में धरने पर बैठ गए।

इस प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। प्रधानमंत्री आवास के बेहद करीब प्रदर्शन होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार की ओर से संसद में एनईईटी पर चर्चा के आश्वासन के बाद विपक्ष का रुख क्या रहता है। फिलहाल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने से राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक ओर सरकार इसे बातचीत और संसद में चर्चा के जरिए मुद्दा सुलझाने की कोशिश बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष प्रदर्शन और छात्रों के मुद्दे पर अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

पीएम आवास के बाहर राहुल-प्रियंका हिरासत में, प्रदर्शन के बीच सरकार ने मानी बड़ी मांग; संसद में NEET पर चर्चा का भरोसा

By Malay Ojha | Published: 21 July 2026 at 07:17 PM

प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। इससे पहले सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन राहुल गांधी से बातचीत करने पहुंचे। सरकार का दावा है कि बातचीत के दौरान एनईईटी और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया गया था।

मंगलवार को राजधानी में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का मुद्दा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और एनईईटी से जुड़े विवाद को लेकर था। कांग्रेस नेताओं की ओर से केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया गया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने और धरना खत्म करने के लिए समझाने की कोशिश की। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त ने राहुल गांधी से सहयोग करने की अपील की। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह सहयोग कर रहे हैं और पुलिस वहां मौजूद लोगों से हटने के लिए कहे। इसके बाद पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने का निर्देश दिया गया।

पुलिस ने हिरासत में लिया तो सड़क पर लेट गए राहुल
प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के दौरान राहुल गांधी ने हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश की। राहुल गांधी ने अपना हाथ छुड़ाया और कुछ देर के लिए सड़क पर लेट गए। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने वहां से हटाया।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें भी प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि पुलिस का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास के पास इस तरह प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और वहां मौजूदगी से आम लोगों को परेशानी हो रही थी।

धरना स्थल पर पहुंचे जितेंद्र सिंह, राहुल से हुई बातचीत
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के धरने के बीच सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे। दोनों ने राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शन खत्म करने का अनुरोध किया। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार की ओर से यह समझाने की कोशिश की गई कि जिस जगह पर धरना दिया जा रहा है, वह विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।

जितेंद्र सिंह ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बातचीत का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव को वरिष्ठ विपक्षी नेताओं से बातचीत के लिए भेजा गया था। उनके मुताबिक, राहुल गांधी से धरना खत्म करने का अनुरोध किया गया और बातचीत के दौरान एनईईटी तथा उससे जुड़े आंदोलन के मुद्दों को संसद में उठाने की मांग सामने रखी गई।

सरकार ने कहा- संसद में NEET पर चर्चा को तैयार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि सरकार एनईईटी और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार होती है, तो वह धरना खत्म कर देंगे। जितेंद्र सिंह का दावा है कि इसके बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेकर राहुल गांधी को भरोसा दिया गया कि संसद में एनईईटी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है।

सरकार के इस दावे के बाद भी प्रदर्शन तत्काल खत्म नहीं हुआ और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। एक तरफ सरकार का कहना है कि उसने विपक्ष की प्रमुख मांग पर संसद में चर्चा के लिए सहमति जताई, वहीं विपक्ष का जोर छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बना हुआ है।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दे पर सरकार चर्चा से बच रही है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन से पहले छात्रों के समर्थन में सरकार पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्र को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और एनईईटी से जुड़े विवाद को संसद में गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।

वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि संसद में एनईईटी और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर बातचीत के बाद भी धरना जारी रखने को लेकर सवाल उठाए। सरकार का पक्ष है कि जब चर्चा के लिए रास्ता खुला है, तब प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।

छात्रों के मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
दरअसल, एनईईटी से जुड़े विवाद और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े सवालों और छात्रों की शिकायतों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया और बाद में धरने पर बैठ गए।

इस प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। प्रधानमंत्री आवास के बेहद करीब प्रदर्शन होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार की ओर से संसद में एनईईटी पर चर्चा के आश्वासन के बाद विपक्ष का रुख क्या रहता है। फिलहाल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने से राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक ओर सरकार इसे बातचीत और संसद में चर्चा के जरिए मुद्दा सुलझाने की कोशिश बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष प्रदर्शन और छात्रों के मुद्दे पर अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES