By Malay Ojha | Published: 06 September 2026 at 01:47 PM
राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई। इसी मौके पर बिहार लेनिन कहे जाने वाले अमर शहीद जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने दोनों महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नेताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद ने अपना पूरा जीवन सामाजिक बराबरी और शोषण के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। उनका मानना था कि समाज के दबे-कुचले और वंचित तबकों को उनका हक मिलना चाहिए। राजद नेताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
‘नब्बे बनाम दस’ का नारा फिर चर्चा में
वक्ताओं ने जगदेव प्रसाद के चर्चित नारे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में बराबरी की बात को मजबूती से उठाया था। उनका नारा था कि ‘सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है।’ नेताओं के मुताबिक जगदेव प्रसाद दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को एकजुट कर बराबरी पर आधारित समाज बनाना चाहते थे।
राधाकृष्णन की सादगी और शिक्षा को किया याद
वक्ताओं ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को महान शिक्षक और शिक्षाविद बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को समाज और देश के विकास का सबसे मजबूत आधार माना। शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले राधाकृष्णन देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। नेताओं ने कहा कि उनका सादा जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है।
‘शिक्षक से राष्ट्रपति’ तक का सफर
कार्यक्रम में कहा गया कि डॉ. राधाकृष्णन ने अपने जीवन में पद और प्रतिष्ठा के पीछे भागने के बजाय अपने काम को प्राथमिकता दी। उनकी मेहनत और विद्वता ने उन्हें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाया। नेताओं ने कहा कि आज के समय में उनके विचारों और शिक्षा के प्रति उनके नजरिये को समझने की जरूरत है।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर बीनु यादव सहित राजद के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और अमर शहीद जगदेव प्रसाद के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सिंह, राजद नेता एजाज अहमद, मधु मंजरी, हरेंद्र कुमार कुशवाहा, नंदू यादव, भाई अरुण कुमार, निर्भय अंबेडकर, प्रमोद कुमार राम, कुमर राय और उपेंद्र चंद्रवंशी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजद ने दोहराया सामाजिक न्याय का एजेंडा
कार्यक्रम के जरिए राजद ने एक बार फिर शिक्षा, सामाजिक बराबरी और सामाजिक न्याय के मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखा। पार्टी नेताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में बराबरी और सम्मान की व्यवस्था मजबूत की जा सकती है।
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