National

spot_img

सोनम वांगचुक की सरकार को दो टूक: प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दें, तभी खत्म होगा अनशन

By Malay Ojha | Published: 22 July 2026 at 05:38 PM

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार को चिट्ठी लिखकर अनशन खत्म करने के लिए अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा है कि अगर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया जाता है, तभी वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में इस मुद्दे पर बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

सोनम वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बीती रात अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वांगचुक ने दोनों नेताओं के अस्पताल आने के लिए उनका आभार जताया। हालांकि, उनकी चिट्ठी से साफ है कि बातचीत के बावजूद अनशन खत्म करने को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है।

वांगचुक ने कहा कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई के बावजूद छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की। लेकिन उनका कहना है कि आंदोलन से जुड़े कई अहम मुद्दे अभी बाकी हैं और उन्हें केवल अपील के आधार पर अनशन खत्म करना मंजूर नहीं है।

छात्रों पर कार्रवाई नहीं हुई तो खत्म करेंगे अनशन
वांगचुक ने सरकार के सामने सबसे अहम शर्त छात्रों की सुरक्षा को लेकर रखी है। उनका कहना है कि अगर उन्हें यह भरोसा दिया जाता है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे। वहीं, अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है तो उन्होंने अनशन जारी रखने की बात कही है।

उनके इस रुख से आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है। खास तौर पर ऐसे समय में जब छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल भी सरकार को घेर रहे हैं। वांगचुक की चिट्ठी के बाद अब नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
सोनम वांगचुक ने उन छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है, जिन्होंने परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के बीच आत्महत्या की। आंदोलन से जुड़े संगठनों की ओर से भी ऐसे परिवारों के लिए आर्थिक मदद की मांग पहले उठाई जा चुकी है।

इस मांग के पीछे तर्क यह है कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और लगातार बढ़ते दबाव का असर छात्रों के मानसिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ा है। हालांकि, आत्महत्या के मामलों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रत्येक मामले की अलग-अलग परिस्थितियों और आधिकारिक जांच को ध्यान में रखना जरूरी है।

संसद में बहस और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वांगचुक ने संसद में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर गंभीर बहस कराने की भी मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात कही है। आंदोलनकारी छात्रों की ओर से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।

आंदोलन से जुड़े नेताओं की मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही है। 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बातचीत में भी इन मांगों को उठाया गया था।

65 सांसदों से मुलाकात का वांगचुक ने किया जिक्र
वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में यह भी कहा कि करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आंदोलन से जुड़े मुद्दे अभी खत्म नहीं हुए हैं। उनका मानना है कि छात्रों की आवाज को केवल अनशन खत्म कराने से नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाकर सुना जाना चाहिए।

उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। संसद के भीतर और बाहर विपक्षी दल छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने इस पूरे मामले को महज छात्र आंदोलन से आगे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

सोनम वांगचुक की सरकार को दो टूक: प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दें, तभी खत्म होगा अनशन

By Malay Ojha | Published: 22 July 2026 at 05:38 PM

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार को चिट्ठी लिखकर अनशन खत्म करने के लिए अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा है कि अगर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया जाता है, तभी वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में इस मुद्दे पर बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

सोनम वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बीती रात अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वांगचुक ने दोनों नेताओं के अस्पताल आने के लिए उनका आभार जताया। हालांकि, उनकी चिट्ठी से साफ है कि बातचीत के बावजूद अनशन खत्म करने को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है।

वांगचुक ने कहा कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई के बावजूद छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की। लेकिन उनका कहना है कि आंदोलन से जुड़े कई अहम मुद्दे अभी बाकी हैं और उन्हें केवल अपील के आधार पर अनशन खत्म करना मंजूर नहीं है।

छात्रों पर कार्रवाई नहीं हुई तो खत्म करेंगे अनशन
वांगचुक ने सरकार के सामने सबसे अहम शर्त छात्रों की सुरक्षा को लेकर रखी है। उनका कहना है कि अगर उन्हें यह भरोसा दिया जाता है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे। वहीं, अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है तो उन्होंने अनशन जारी रखने की बात कही है।

उनके इस रुख से आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है। खास तौर पर ऐसे समय में जब छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल भी सरकार को घेर रहे हैं। वांगचुक की चिट्ठी के बाद अब नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
सोनम वांगचुक ने उन छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है, जिन्होंने परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के बीच आत्महत्या की। आंदोलन से जुड़े संगठनों की ओर से भी ऐसे परिवारों के लिए आर्थिक मदद की मांग पहले उठाई जा चुकी है।

इस मांग के पीछे तर्क यह है कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और लगातार बढ़ते दबाव का असर छात्रों के मानसिक और पारिवारिक जीवन पर पड़ा है। हालांकि, आत्महत्या के मामलों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रत्येक मामले की अलग-अलग परिस्थितियों और आधिकारिक जांच को ध्यान में रखना जरूरी है।

संसद में बहस और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
वांगचुक ने संसद में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर गंभीर बहस कराने की भी मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात कही है। आंदोलनकारी छात्रों की ओर से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।

आंदोलन से जुड़े नेताओं की मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही है। 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बातचीत में भी इन मांगों को उठाया गया था।

65 सांसदों से मुलाकात का वांगचुक ने किया जिक्र
वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में यह भी कहा कि करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आंदोलन से जुड़े मुद्दे अभी खत्म नहीं हुए हैं। उनका मानना है कि छात्रों की आवाज को केवल अनशन खत्म कराने से नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाकर सुना जाना चाहिए।

उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। संसद के भीतर और बाहर विपक्षी दल छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने इस पूरे मामले को महज छात्र आंदोलन से आगे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES