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ट्रेनिंग से लौट रहे तीन थानेदारों की मौत, पीछे छूट गए मासूम बच्चे, अधूरे सपने और रोते परिवार

By Malay Ojha | Published: 12 June 2026 at 01:24 PM

बिहार के बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की जिंदगी बदल दी। पटना से प्रशिक्षण पूरा कर लौट रहे बिहार पुलिस के तीन थानेदार और एक चालक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जिन परिवारों को अपने बेटों और पतियों के लौटने का इंतजार था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, अरार थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थाना प्रभारी साजन कुमार पासवान, बेलारी थाना प्रभारी नीरज कुमार और चालक ज्योतिष कुमार एक ही कार से पटना से मधेपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान बेगूसराय में उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि चारों की जान नहीं बच सकी।

प्रशिक्षण से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि सभी पुलिस अधिकारी 10 जून को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मधेपुरा से पटना गए थे। दो दिनों तक प्रशिक्षण लेने के बाद वे वापस लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे ज्ञानेंद्र अमरेंद्र
अरार थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र वर्ष 2009 बैच के दारोगा थे। कटिहार जिले के मनिहारी क्षेत्र के रहने वाले ज्ञानेंद्र अपनी सादगी और ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। सितंबर 2025 से वे अरार थाना की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

पत्नी और बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
गर्मी की छुट्टियों में उनकी पत्नी और 17 वर्षीय बेटा उनके साथ रह रहे थे। परिवार के साथ समय बिताने के बीच उन्हें प्रशिक्षण के लिए पटना जाना पड़ा। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी और बेटा सदमे में आ गए। जिस बेटे ने पिता के साथ छुट्टियां बिताने की योजना बनाई थी, वह अब उन्हें कभी वापस नहीं देख पाएगा।

शादी की तैयारियों से पहले घर में छाया मातम
रतवारा थाना प्रभारी साजन कुमार पासवान वर्ष 2018 बैच के दारोगा थे। कैमूर जिले के भभुआ के रहने वाले साजन अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा थे।

बेटे की शादी का सपना अधूरा रह गया
परिजनों के अनुसार, घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। माता-पिता बेटे के लिए रिश्ता देख रहे थे और परिवार जल्द ही शादी की तैयारी करना चाहता था। लेकिन हादसे की खबर ने सारी खुशियां छीन लीं। जिस घर में शहनाई बजने की उम्मीद थी, वहां अब मातम का माहौल है।

नई जिम्मेदारी मिलने के एक सप्ताह बाद चली गई जान
बेलारी थाना प्रभारी नीरज कुमार को हाल ही में नई जिम्मेदारी मिली थी। उन्हें महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना की कमान सौंपी गई थी। नई पोस्टिंग को लेकर परिवार बेहद खुश था।

एक साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
गया जिले के मूल निवासी नीरज कुमार पिछले एक वर्ष से उदाकिशुनगंज क्षेत्र में सेवा दे रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और एक साल का बेटा है। हादसे के बाद सबसे ज्यादा दर्द उस मासूम बच्चे के भविष्य को लेकर महसूस किया जा रहा है, जो अब अपने पिता को केवल तस्वीरों और लोगों की यादों में ही देख पाएगा।

ड्यूटी निभाते हुए चालक ने भी गंवाई जान
इस हादसे में कार चला रहे ज्योतिष कुमार की भी मौत हो गई। वे उदाकिशुनगंज थाना से जुड़े निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे।

सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा था परिवार
ज्योतिष कुमार की जिम्मेदारी अधिकारियों को पटना ले जाने और वापस लाने की थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह ड्यूटी पूरी कर लौट आएंगे, लेकिन हादसे ने उनकी जिंदगी भी छीन ली। अब उनके परिवार के सामने भी गहरा दुख और भविष्य की चिंता खड़ी है।

एक साथ निकले, एक साथ लौट रहे थे, एक साथ चली गई जान
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि चारों 10 जून की सुबह एक साथ प्रशिक्षण के लिए निकले थे। दो दिन तक साथ रहे और फिर घर लौटने के लिए भी एक साथ रवाना हुए। लेकिन मधेपुरा पहुंचने से पहले ही बेगूसराय में उनकी जिंदगी का सफर हमेशा के लिए थम गया। इस हादसे ने न केवल चार परिवारों को गहरा घाव दिया है, बल्कि पुलिस विभाग को भी अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

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ट्रेनिंग से लौट रहे तीन थानेदारों की मौत, पीछे छूट गए मासूम बच्चे, अधूरे सपने और रोते परिवार

By Malay Ojha | Published: 12 June 2026 at 01:24 PM

बिहार के बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की जिंदगी बदल दी। पटना से प्रशिक्षण पूरा कर लौट रहे बिहार पुलिस के तीन थानेदार और एक चालक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जिन परिवारों को अपने बेटों और पतियों के लौटने का इंतजार था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, अरार थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थाना प्रभारी साजन कुमार पासवान, बेलारी थाना प्रभारी नीरज कुमार और चालक ज्योतिष कुमार एक ही कार से पटना से मधेपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान बेगूसराय में उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि चारों की जान नहीं बच सकी।

प्रशिक्षण से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि सभी पुलिस अधिकारी 10 जून को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मधेपुरा से पटना गए थे। दो दिनों तक प्रशिक्षण लेने के बाद वे वापस लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे ज्ञानेंद्र अमरेंद्र
अरार थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र वर्ष 2009 बैच के दारोगा थे। कटिहार जिले के मनिहारी क्षेत्र के रहने वाले ज्ञानेंद्र अपनी सादगी और ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। सितंबर 2025 से वे अरार थाना की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

पत्नी और बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
गर्मी की छुट्टियों में उनकी पत्नी और 17 वर्षीय बेटा उनके साथ रह रहे थे। परिवार के साथ समय बिताने के बीच उन्हें प्रशिक्षण के लिए पटना जाना पड़ा। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी और बेटा सदमे में आ गए। जिस बेटे ने पिता के साथ छुट्टियां बिताने की योजना बनाई थी, वह अब उन्हें कभी वापस नहीं देख पाएगा।

शादी की तैयारियों से पहले घर में छाया मातम
रतवारा थाना प्रभारी साजन कुमार पासवान वर्ष 2018 बैच के दारोगा थे। कैमूर जिले के भभुआ के रहने वाले साजन अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा थे।

बेटे की शादी का सपना अधूरा रह गया
परिजनों के अनुसार, घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। माता-पिता बेटे के लिए रिश्ता देख रहे थे और परिवार जल्द ही शादी की तैयारी करना चाहता था। लेकिन हादसे की खबर ने सारी खुशियां छीन लीं। जिस घर में शहनाई बजने की उम्मीद थी, वहां अब मातम का माहौल है।

नई जिम्मेदारी मिलने के एक सप्ताह बाद चली गई जान
बेलारी थाना प्रभारी नीरज कुमार को हाल ही में नई जिम्मेदारी मिली थी। उन्हें महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना की कमान सौंपी गई थी। नई पोस्टिंग को लेकर परिवार बेहद खुश था।

एक साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
गया जिले के मूल निवासी नीरज कुमार पिछले एक वर्ष से उदाकिशुनगंज क्षेत्र में सेवा दे रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और एक साल का बेटा है। हादसे के बाद सबसे ज्यादा दर्द उस मासूम बच्चे के भविष्य को लेकर महसूस किया जा रहा है, जो अब अपने पिता को केवल तस्वीरों और लोगों की यादों में ही देख पाएगा।

ड्यूटी निभाते हुए चालक ने भी गंवाई जान
इस हादसे में कार चला रहे ज्योतिष कुमार की भी मौत हो गई। वे उदाकिशुनगंज थाना से जुड़े निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे।

सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा था परिवार
ज्योतिष कुमार की जिम्मेदारी अधिकारियों को पटना ले जाने और वापस लाने की थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह ड्यूटी पूरी कर लौट आएंगे, लेकिन हादसे ने उनकी जिंदगी भी छीन ली। अब उनके परिवार के सामने भी गहरा दुख और भविष्य की चिंता खड़ी है।

एक साथ निकले, एक साथ लौट रहे थे, एक साथ चली गई जान
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि चारों 10 जून की सुबह एक साथ प्रशिक्षण के लिए निकले थे। दो दिन तक साथ रहे और फिर घर लौटने के लिए भी एक साथ रवाना हुए। लेकिन मधेपुरा पहुंचने से पहले ही बेगूसराय में उनकी जिंदगी का सफर हमेशा के लिए थम गया। इस हादसे ने न केवल चार परिवारों को गहरा घाव दिया है, बल्कि पुलिस विभाग को भी अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

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