By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 07:22 PM
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। करीब 16 महीने बाद होने वाली इस आमने-सामने की मुलाकात से पहले ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर सराहना की है। उन्होंने मोदी को “शांत, संतुलित और पूरी तरह विजेता नेता” बताते हुए कहा कि वे खुद प्रधानमंत्री मोदी जैसे नहीं हैं। ट्रंप की इस टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित बैठक पहले से ही वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई थी। लेकिन बैठक से कुछ घंटे पहले ट्रंप द्वारा की गई प्रशंसा ने इस मुलाकात को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
16 महीने बाद आमने-सामने होंगे दोनों नेता
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच आखिरी प्रत्यक्ष मुलाकात लगभग 16 महीने पहले हुई थी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और कूटनीतिक माध्यमों से संपर्क बना रहा, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर आमने-सामने बातचीत नहीं हुई। ऐसे में जी-7 सम्मेलन के इतर होने वाली यह बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है।
किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, वैश्विक सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा तकनीक, निवेश और ऊर्जा सहयोग जैसे विषय भी बातचीत के एजेंडे में शामिल रह सकते हैं।
ट्रंप ने क्या कहा
बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि वे बेहद शांत और संतुलित व्यक्तित्व वाले नेता हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते हैं और परिणाम हासिल करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने खुद की तुलना करते हुए कहा कि उनका स्वभाव मोदी से अलग है।
वैश्विक राजनीति में क्यों अहम है यह मुलाकात
वर्तमान समय में दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत और अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व की बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है। दोनों देश पहले से ही रणनीतिक साझेदार हैं और रक्षा, तकनीक, व्यापार तथा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से आने वाले समय में भारत और अमेरिका के संबंधों की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत सामने आ सकते हैं।
दुनिया की नजर एवियन पर
जी-7 सम्मेलन के दौरान होने वाली इस मुलाकात पर केवल भारत और अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों की नजर टिकी हुई है। ट्रंप के ताजा बयान के बाद यह उत्सुकता और बढ़ गई है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसले या संकेत सामने आते हैं।
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