By aryavartalive | Published: 18 June 2026 at 01:50 PM
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है। युवक की मौत के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और बक्सर फोर लेन को जाम कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और लंबी दूरी तक वाहनों की कतार लग गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गुरुवार सुबह बलौटी गांव और आसपास के इलाकों से पहुंचे ग्रामीणों ने बक्सर फोर लेन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भरत तिवारी को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मारा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले के तूल पकड़ने के बाद भोजपुर पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार समेत दो उप निरीक्षक और दो सहायक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस विभाग अब पूरे घटनाक्रम की अलग से जांच करा रहा है।
मां का बड़ा आरोप, ‘सरेंडर के बाद मारी गोली’
भरत भूषण तिवारी की मां ने मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस के समझाने के बाद उनके बेटे ने हथियार नीचे रख दिया था और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने गोली मार दी। परिवार का आरोप है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
पहले वीडियो से मचा था हड़कंप
घटना से एक दिन पहले भरत तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह पुलिस पर पिस्तौल तानते हुए दिखाई दे रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। वायरल वीडियो ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
दूसरे दिन पहुंची पुलिस, फिर हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को टीम भरत तिवारी को पकड़ने के लिए बलौटी गांव पहुंची थी। इसी दौरान युवक ने पुलिस टीम पर हथियार तान दिया और कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
प्रेस विज्ञप्ति में मानसिक हालत का जिक्र
एनकाउंटर के बाद पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में भरत भूषण तिवारी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया। हालांकि इस दावे पर भी परिवार और ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की बात कहकर घटना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भरत तिवारी की मौत वाकई पुलिस मुठभेड़ में हुई या फिर परिवार के आरोपों में सच्चाई है।
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