By Malay Ojha | Published: 18 June 2026 at 11:31 PM
घर में जबरन घुसने और धमकी देने के आरोपों को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत के बीच तेज प्रताप यादव ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। आकाश यादव की ओर से अदालत में मामला दायर किए जाने के कुछ घंटे बाद ही तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित तरीके से झूठी कहानी गढ़ी जा रही है और वह कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गुरुवार को जैसे ही आकाश यादव की शिकायत की जानकारी सार्वजनिक हुई, तेज प्रताप यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि उन्होंने अपने संदेश में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका बयान सीधे तौर पर उसी मामले को लेकर था, जिसमें उनके और उनके निजी सहायक मोतीलाल यादव के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।
बोले- पहले कानूनी नोटिस भेजा गया था
तेज प्रताप ने दावा किया कि जिस व्यक्ति को उसके कथित अभद्र और आपत्तिजनक व्यवहार के संबंध में कानूनी नोटिस भेजा गया था, उसी ने अब प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि गलती स्वीकार करने या खेद जताने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप
अपने बयान में तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम उनकी सार्वजनिक छवि और वर्षों में अर्जित राजनीतिक-सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और विश्वास को कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
‘मेरी विनम्रता को कमजोरी न समझें’
तेज प्रताप ने कहा कि वह हमेशा कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के बीच रहने और सहज उपलब्ध रहने की उनकी आदत को कोई कमजोरी समझने की भूल न करे। सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं है कि वह झूठे आरोप, चरित्रहनन या कानून के दुरुपयोग को स्वीकार कर लेंगे।
झूठे मामलों की कड़ी निंदा
उन्होंने अपने बयान में कहा कि दुर्भावना से प्रेरित और तथ्यहीन आरोपों की वह कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उनके अनुसार कानून का दुरुपयोग कर झूठे आरोप लगाना केवल किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा को भी प्रभावित करता है।
न्यायपालिका पर जताया भरोसा
तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि जब मामले के सभी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे तो सच खुद स्पष्ट हो जाएगा और झूठ का पर्दाफाश होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए वास्तविकता सामने आएगी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अपने बयान में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा और जनविश्वास को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि मामले को लेकर आगे और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
‘न दबाव में आऊंगा, न पीछे हटूंगा’
तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि झूठे आरोपों और दुष्प्रचार से उनके राजनीतिक और सामाजिक संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता सत्य, न्याय और जनता का विश्वास है, जिसकी रक्षा के लिए वह हर वैधानिक कदम उठाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, आकाश यादव ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि तेज प्रताप यादव और उनके निजी सहायक मोतीलाल यादव ने घर में जबरन प्रवेश किया और धमकी दी। इसी शिकायत को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब मामले में तेज प्रताप की प्रतिक्रिया आने के बाद विवाद और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

