By Malay Ojha | Published: 19 June 2026 at 11:12 PM
वाराणसी में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक बड़े मीडिया सम्मेलन में सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को विस्तार से सामने रखा गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, आधारभूत ढांचे के विस्तार और आम लोगों के जीवन में आए बदलावों पर चर्चा हुई।
पत्र सूचना कार्यालय की ओर से आयोजित इस वार्तालाप कार्यक्रम का विषय था- “केंद्र सरकार के 12 साल : विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के”। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का मकसद सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना था।
विकास कार्यों को लेकर रखी गई सरकार की बात
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में वाराणसी समेत देशभर में विकास की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने दावा किया कि सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, आवास और कृषि जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ा है।
किसानों के लिए बढ़े बजट और सहायता का उल्लेख
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक किसानों के लिए बजट में लगातार बढ़ोतरी की गई है और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के जरिए सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे खेती-किसानी को मजबूती मिली है।
सड़क और संपर्क व्यवस्था में बदलाव का दावा
रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि वाराणसी का आसपास के कई जिलों से सड़क संपर्क पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। नई सड़कों और संपर्क मार्गों के निर्माण से लोगों की यात्रा आसान हुई है और व्यापारिक गतिविधियों को भी फायदा मिला है।
आवास, गैस और स्वास्थ्य योजनाओं का किया जिक्र
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन योजनाओं के जरिए करोड़ों लोगों को मकान, गैस कनेक्शन, स्वास्थ्य सुविधा और मुफ्त राशन का लाभ मिला है।
काशी से लेकर अयोध्या तक विकास की चर्चा
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को भी प्रमुखता से रखा गया। वक्ताओं ने काशी विश्वनाथ धाम, केदारनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दी है।
महिला सशक्तिकरण पर भी रहा जोर
वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों का उल्लेख किया।
विकसित भारत की नींव मजबूत होने का दावा
महापौर ने कहा कि बीते 12 वर्षों में केवल योजनाएं नहीं बनीं, बल्कि देश के विकास की लंबी नींव तैयार हुई है। उनके अनुसार महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, सामाजिक उत्थान और आत्मनिर्भरता की दिशा में हुए काम विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को मजबूत आधार दे रहे हैं।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी। वाराणसी जंक्शन के स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने कहा कि रेलवे के बजट, यात्री सुविधाओं और आधारभूत ढांचे में लगातार विस्तार हुआ है। उन्होंने वंदे भारत स्लीपर सेवा, अमृत भारत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया।
लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर जोर
वरिष्ठ पत्रकार अरुण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच संवाद का माध्यम है तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार की योजनाओं पर हुई खुली चर्चा
कार्यक्रम के अंत में मौजूद पत्रकारों ने भी अपने विचार साझा किए। केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल, विकास परियोजनाओं और विभिन्न जनकल्याण योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से योजनाओं की सही जानकारी समाज तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
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