By Malay Ojha | Published: 03 July 2026 at 07:49 PM
बिहार में स्वच्छ बिजली उत्पादन को नई रफ्तार देने वाली कजरा सौर ऊर्जा परियोजना तेजी से अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही है। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज ने शुक्रवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर पहले चरण में चल रहे परीक्षण कार्य की समीक्षा की। साथ ही दूसरे चरण के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तय समय के भीतर काम पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कंपनी का लक्ष्य जनवरी 2027 तक परियोजना के दूसरे चरण को चालू करना है।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने परियोजना के पहले चरण में चल रहे परिचालन परीक्षण की प्रगति का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने यह देखा कि सौर ऊर्जा संयंत्र और बैटरी भंडारण प्रणाली तय मानकों के अनुसार काम कर रही है या नहीं। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी गुणवत्ता और पूरी प्रणाली की कार्यक्षमता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उन्हें परीक्षण की मौजूदा स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
दूसरे चरण के निर्माण पर भी रहा खास फोकस
निरीक्षण के दौरान परियोजना के दूसरे चरण में चल रहे निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने मौके पर पहुंचकर अलग-अलग हिस्सों में हो रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया और काम की रफ्तार पर संतोष जताया। उन्होंने निर्माण से जुड़ी टीम को समय सीमा का विशेष ध्यान रखने और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया। कंपनी का लक्ष्य जनवरी 2027 तक इस चरण को पूरी तरह चालू करना है।
समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान विशाल राज ने निर्माण एजेंसी और परियोजना से जुड़े तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि परियोजना राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए हर काम तय समय के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी रखने और किसी भी तरह की तकनीकी बाधा आने पर तुरंत समाधान निकालने को कहा।
बिहार की बिजली व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
कजरा सौर ऊर्जा परियोजना पूरी होने के बाद बिहार में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। खास बात यह है कि इस परियोजना में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी शामिल है, जिससे जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराना पहले की तुलना में अधिक आसान और भरोसेमंद होगा। इससे बिजली आपूर्ति की स्थिरता भी मजबूत होगी।
देश की बड़ी बैटरी आधारित सौर परियोजनाओं में शामिल
कजरा परियोजना को देश की प्रमुख बैटरी ऊर्जा भंडारण आधारित सौर परियोजनाओं में गिना जा रहा है। पहले चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता और 282 मेगावाट घंटे की बैटरी भंडारण क्षमता विकसित की गई है। वहीं दूसरे चरण के पूरा होने के बाद परियोजना की कुल क्षमता बढ़कर 301 मेगावाट सौर ऊर्जा और 523 मेगावाट घंटे बैटरी भंडारण तक पहुंच जाएगी।
बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए अहम साबित होगी परियोजना
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए ऐसी परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगी। कजरा परियोजना न केवल राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके पूरा होने से भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने के साथ-साथ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की स्थिति भी और मजबूत होगी।
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