By Malay Ojha | Published: 03 July 2026 at 12:30 PM
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि पहले से लागू हो चुके जमानत आदेश पर इस समय रोक नहीं लगाई जा सकती। हालांकि अदालत ने यह भी माना कि हाई कोर्ट के आदेश को लेकर पहली नजर में कुछ सवाल जरूर हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट की ओर से सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसी दौरान सोनम की ओर से बताया गया कि वह पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी है और शिलांग में मौजूद है। इसके बाद अदालत ने कहा कि पहले से प्रभावी हो चुके आदेश पर फिलहाल रोक नहीं लगाई जा सकती और जमानत रद्द करने की भी जरूरत नहीं है।
हाई कोर्ट के आदेश पर जताई शुरुआती आपत्ति
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश ने कहा कि पहली नजर में हाई कोर्ट के आदेश को लेकर अदालत की कुछ आपत्तियां हैं। अदालत ने संकेत दिया कि मामले की पूरी सुनवाई के दौरान इन पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा। फिलहाल अदालत ने सोनम को जवाब दाखिल करने के लिए जल्द तारीख देने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
सरकार ने तकनीकी आधार पर मिली जमानत पर उठाए सवाल
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि सोनम ने गिरफ्तारी के आधार का मुद्दा शुरुआती तीन जमानत याचिकाओं में कभी नहीं उठाया। यह सवाल चौथी बार उठाया गया और उसी तकनीकी आधार पर राहत मिल गई। उनका कहना था कि केवल तकनीकी कारणों से इतने गंभीर मामले में जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।
ट्रायल की रफ्तार पर भी सुप्रीम कोर्ट की नजर
सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि मुकदमे की सुनवाई किस स्थिति में है और अब तक कितने गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इस पर बताया गया कि कुल 94 गवाहों में से अभी तक केवल 4 गवाहों की ही गवाही पूरी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत से जुड़े मामलों में यह भी देखा जाता है कि ट्रायल कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
टाइपिंग की गलती का भी हुआ जिक्र
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी माना कि हाई कोर्ट के आदेश में एक टाइपिंग संबंधी गलती का मुद्दा सामने आया था, जिसे लेकर बहस हुई। हालांकि अदालत ने साफ किया कि फिलहाल केवल इसी आधार पर जमानत रद्द नहीं की जाएगी। पूरे मामले की अगली सुनवाई में सभी कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार होगा।
तुषार मेहता ने बताया बेहद गंभीर मामला
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला मामला है। उनके मुताबिक, आरोप है कि सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के बहाने ले गई, जहां पहले से मौजूद हमलावरों के साथ मिलकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि हत्या के बाद शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया गया और बाद में आरोपी फरार हो गई थी। इसके बाद उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी को लेकर भी हुई बहस
सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी बहस हुई। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से ऐसा नहीं लगता कि यह ऐसा मामला है जिसमें गिरफ्तारी का आधार आरोपी को बताया ही नहीं गया हो। अदालत ने इस पहलू पर भी विस्तृत सुनवाई आगे करने की बात कही।
अब 9 जुलाई की सुनवाई पर सबकी नजर
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने या उसे रद्द करने से इनकार कर दिया है। हालांकि अदालत ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए साफ कर दिया कि अगली सुनवाई में ट्रायल की प्रगति और हाई कोर्ट के आदेश की वैधता पर विस्तार से विचार किया जाएगा। ऐसे में अब इस चर्चित हत्याकांड की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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