By Malay Ojha | Published: 27 June 2026 at 11:05 PM
पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ, जहां पैरामिलिट्री फोर्स फ्रंटियर कॉर्प्स के एक कैंप को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने पहले मुख्य गेट पर जोरदार धमाका किया और इसके तुरंत बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में दो जवानों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच देर रात तक मुठभेड़ जारी रही।
यह हमला रात करीब आठ बजकर दस मिनट पर कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित रेंजर्स कराची ट्रांसपोर्ट कार्यालय पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में लगातार गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगीं। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
फिदायीन हमले के बाद कैंप में घुसने की कोशिश
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हमला फिदायीन तरीके से किया गया। एक हमलावर ने खुद को मुख्य गेट के पास उड़ा लिया, जिससे सुरक्षा घेरे में सेंध लगाने की कोशिश की गई। इसके बाद अन्य आतंकियों ने कैंप को घेरकर अंदर घुसने का प्रयास किया और सुरक्षा बलों पर लगातार फायरिंग शुरू कर दी।
दो जवानों की मौत, कई घायल अस्पताल में भर्ती
स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि हमले में फ्रंटियर कॉर्प्स के दो जवानों की मौत हो गई है। वहीं छह घायल जवानों को डाउ यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन ने कई घायलों की हालत गंभीर बताई है।
एक आतंकी की मौत, बाकी की तलाश जारी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक एक आतंकी की मौत हो चुकी है, जिसने खुद को विस्फोट में उड़ा लिया था। हालांकि तीन से चार अन्य हमलावर अब भी इलाके में सक्रिय बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को घेर लिया है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
कराची में हाई अलर्ट, कई इलाकों की घेराबंदी
हमले के बाद कराची के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
जांच एजेंसियां जुटीं, हमले के पीछे किसका हाथ?
फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर किस संगठन से जुड़े थे और उनका असली मकसद क्या था। अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ पूरी होने के बाद ही पूरे नुकसान और हताहतों की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।
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