By Malay Ojha | Published: 11 August 2026 at 07:26 PM
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को हुए खतरनाक टर्बुलेंस की जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, विमान के पायलट-इन-कमांड का शुरुआती ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट नॉन-नेगेटिव आने के बाद कराया गया कन्फर्मेटरी टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। इसके साथ ही हादसे की जांच में पायलट के टेस्ट की रिपोर्ट एक अहम कड़ी बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, 4 अगस्त को दिल्ली पहुंचने के बाद पायलट का साइकोएक्टिव पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। इस जांच का नतीजा “नॉन-नेगेटिव” आया था। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत पायलट के नमूने को आगे की पुष्टि के लिए भेजा गया। अब सूत्रों का कहना है कि इस कन्फर्मेटरी जांच का नतीजा भी पॉजिटिव आया है।
पहले टेस्ट को अंतिम सबूत नहीं माना जाता
किसी भी शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट में नॉन-नेगेटिव नतीजा आने का मतलब सीधे तौर पर यह नहीं होता कि प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी अंतिम रूप से साबित हो गई है। स्क्रीनिंग के बाद अधिक सटीक जांच के जरिए नतीजे की पुष्टि की जाती है। इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई और अब दूसरे टेस्ट के नतीजे ने जांच को और गंभीर बना दिया है।
उड़ान के दौरान अचानक 300 फीट नीचे चला गया था विमान
AI2379 ने 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यात्रा के दौरान विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान की ऊंचाई करीब 300 फीट तक कम हो गई। इस दौरान कई यात्री और चालक दल के सदस्य घायल हो गए। विमान हालांकि सुरक्षित दिल्ली में उतरा। घटना के बाद मामले की जांच शुरू की गई और दोनों पायलटों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटाया गया था।
17 लोगों के घायल होने की बात सामने आई
घटना में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को चोटें आई थीं। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या में अंतर रहा, लेकिन बाद की रिपोर्टों में कम से कम 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंचने के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अब जांच के दायरे में कई पहलू
इस मामले की जांच सिर्फ पायलट के टेस्ट तक सीमित नहीं है। विमान के अचानक ऊंचाई खोने की वजह, उस समय की उड़ान परिस्थितियां, कॉकपिट से जुड़े रिकॉर्ड और विमान के संचालन से संबंधित दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। एयरबस के विशेषज्ञ भी जांच में मदद करने वाले हैं।
DGCA के सामने भी उठे सख्त नियमों के सवाल
पायलट के कन्फर्मेटरी टेस्ट के पॉजिटिव आने की खबर के बाद विमानन क्षेत्र में ड्रग टेस्टिंग के मौजूदा नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, DGCA पायलटों की जांच से जुड़े नियमों को और सख्त करने पर विचार कर रहा है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जा सके।
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