By Malay Ojha | Published: 11 August 2026 at 07:06 PM
आईपीएल में दिल्ली की टीम के लिए खेलने वाले युवा क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को पश्चिम बंगाल पुलिस ने मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़े दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें हुगली से पकड़ा। 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज की गिरफ्तारी कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें पुलिस को पोरेल और मामले में एक अन्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायत करने वाली मेडिकल छात्रा ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को गिरफ्तारी का निर्देश दिया। अदालत ने आरोपों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करने का आदेश भी दिया, ताकि कथित निजी तस्वीरों या वीडियो का इस्तेमाल शिकायतकर्ता को धमकाने अथवा उन्हें सार्वजनिक करने के लिए न किया जा सके।
पेन ड्राइव जब्त, जांच के लिए भेजी गई
अदालत में पुलिस की ओर से बताया गया था कि जांच के दौरान एक पेन ड्राइव जब्त की जा चुकी है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अदालत के आदेश में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया था। इस पूरे मामले में डिजिटल सबूतों की भूमिका अहम मानी जा रही है, हालांकि जांच पूरी होने और अदालत में तथ्य सामने आने से पहले किसी भी आरोप को साबित हुआ मानना सही नहीं होगा।
शादी का वादा कर संबंध बनाने का आरोप
मेडिकल छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात अभिषेक पोरेल से वर्ष 2023 में हुई थी। शिकायत के मुताबिक, दोनों के बीच लगातार संपर्क रहा और बाद में शादी की बात भी परिवारों तक पहुंची। आरोप है कि शादी का भरोसा देकर पोरेल ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का यह भी दावा है कि बाद में परिस्थितियां बदल गईं और उसे गंभीर मानसिक तथा शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजी तस्वीरें और वीडियो को लेकर भी आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आरोपों में से एक निजी तस्वीरों और वीडियो से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अभिषेक पोरेल के पास उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो मौजूद थे तथा उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। इसी वजह से अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करने को महत्वपूर्ण माना। हालांकि इन आरोपों की सच्चाई जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में ही तय होगी।
दिल्ली में मारपीट और बंधक बनाने का भी आरोप
शिकायत में महिला ने वर्ष 2026 की 2 अप्रैल की एक घटना का भी जिक्र किया है। आरोप है कि वह पोरेल से मिलने दिल्ली गई थी, जहां उसके साथ मारपीट की गई और उसे अलग-थलग रखा गया। शिकायतकर्ता ने उसे बंधक बनाए जाने और भोजन तक नहीं दिए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन आरोपों की भी जांच चल रही है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना था कि पुलिस से शिकायत करने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने उच्च न्यायालय का रुख किया। अदालत के हस्तक्षेप के बाद जांच में तेजी आई और पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक सामग्री सुरक्षित करने का निर्देश मिला। यही वजह है कि इस मामले में अदालत की भूमिका शुरुआत से ही महत्वपूर्ण रही है।
गिरफ्तारी के बाद क्रिकेट करियर पर भी असर संभव
अभिषेक पोरेल की गिरफ्तारी ने उनके क्रिकेट करियर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वह पिछले कुछ सत्रों में आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आईपीएल में 35 मुकाबले खेले हैं और 769 रन बनाए हैं। उनका औसत 25.63 का है, जबकि उनके नाम चार अर्धशतक हैं। आईपीएल में उनका सर्वोच्च स्कोर 65 रन है।
आईपीएल में 28 छक्के, आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचान
पोरेल ने आईपीएल में अब तक 80 चौके और 28 छक्के लगाए हैं। खास बात यह है कि वह शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए पहचाने जाते रहे हैं। 2026 के सत्र में उन्होंने चार मुकाबलों में 108 रन बनाए। हालांकि मैदान पर प्रदर्शन करने वाले इस युवा खिलाड़ी की निजी जिंदगी से जुड़ा विवाद अब उनके लिए बड़ी कानूनी चुनौती बन गया है।
घरेलू क्रिकेट में भी बना चुके हैं पहचान
आईपीएल के अलावा अभिषेक पोरेल घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 32 प्रथम श्रेणी मुकाबले, 23 एकदिवसीय घरेलू मुकाबले और 60 टी-20 मुकाबले खेले हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 1,408 रन हैं, जबकि एकदिवसीय घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 833 रन बनाए हैं।
आरोप साबित होना अभी बाकी
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि अभिषेक पोरेल पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। गिरफ्तारी किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। मामले की जांच, उपलब्ध सबूत, गवाहों के बयान और अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है और पोरेल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।
अब आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े सबूतों, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच करेगी। अदालत के निर्देश के मुताबिक डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखना भी जांच का अहम हिस्सा है। दूसरी ओर, पोरेल के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अदालत में आगे की कार्रवाई होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं और यही तय करेंगे कि इस मामले की अगली दिशा क्या होगी।
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