By Malay Ojha | Published: 08 July 2026 at 03:11 PM
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। उनका कहना है कि तेहरान ने भरोसा तोड़ा है और अब आगे बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी ठिकानों पर हमले की खबरों के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा गया है।
अंकारा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अब किसी समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान ने उनसे झूठ बोला और भरोसे को तोड़ा। इसी वजह से अब आगे किसी नई बातचीत की उम्मीद नहीं की जा सकती। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा और इसके लिए जल्द नई रणनीति लागू की जाएगी।
ईरान का पलटवार, कहा- जंग के लिए तैयार
ट्रंप के बयान के कुछ ही समय बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान ने कहा कि उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है और वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र में विश्वासघात किया है, इसलिए उसके साथ बातचीत पर भरोसा करना मुश्किल है।
‘अगर हमला हुआ तो जवाब भी मिलेगा’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका पर हमला किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के लोग किसी की बात नहीं सुनते और उन्हें स्वयं भी निशाने पर रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन अमेरिका किसी भी हमले को बिना जवाब नहीं छोड़ेगा।
नाटो सहयोगियों पर भी जताई नाराजगी
ईरान को लेकर बयान देने के साथ ही ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कई सहयोगी देश अपेक्षित समर्थन नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह नाटो के रवैये से संतुष्ट नहीं हैं और अमेरिका अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद लेने में सक्षम है।
पहले भी बढ़ चुका है विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से लगातार तनाव बना हुआ है। तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कट्टरपंथी समूहों की ओर से ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए गए थे। इसी दौरान अमेरिका विरोधी नारे भी सुनाई दिए। इसके बाद ईरान की विशेषज्ञ परिषद की ओर से जारी एक फतवे को लेकर भी दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी आ गई थी।
हमलों के बाद और बिगड़े हालात
बताया गया कि मंगलवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिका ने बुधवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने का दावा किया। इन घटनाओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
कतर ने भी जताई नाराजगी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कतर ने भी ईरान के रवैये पर सवाल उठाए हैं। कतर का कहना है कि ईरान ने कुछ समय तक जहाजों पर हमला नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उसी वादे का उल्लंघन किया। कतर का आरोप है कि इस कदम से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।
दुनिया की नजर अगले कदम पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के लगातार सख्त होते बयानों के बीच अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि आगे हालात किस दिशा में जाते हैं। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।
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