By aryavartalive | Published: 25 July 2026 at 03:43 PM
पटना : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र की सरकार पिछले कई वर्षों से तानाशाही रवैये के अनुसार चलने लगी थी। केंद्र सरकार के नुमाइंदों को लगने लगा था कि उन्होंने लोकतंत्र को हैक कर लिया है। सरकार के लगातार तानाशाही रवैये ने हालात ऐसे बना दिए थे कि बड़ी संख्या में देशवासी निराश हो चुके थे। इसलिए मजबूर होकर छात्र-युवाओं को आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
धनंजय सिन्हा ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। असली बात यह है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करे और देशभर में एक समान, गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था लागू करे।
लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार काम करे सरकार
उन्होंने कहा कि अन्य मुद्दों पर भी केंद्र सरकार जिस तरह तानाशाही तरीके से आगे बढ़ रही थी, उसमें बदलाव होना चाहिए। सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार काम करना चाहिए, ताकि देश के नागरिकों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
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