By aryavartalive | Published: 25 July 2026 at 10:39 PM
गुंटूर (आंध्र प्रदेश): केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने इसे देश के युवाओं और लोकतांत्रिक ताकतों की बड़ी जीत बताया है। पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देशभर में आंदोलन कर रहे छात्रों, युवाओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों को बधाई दी है। साथ ही पार्टी ने शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और संघर्ष ने आंदोलन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सोनम वांगचुक आंदोलन के सबसे आगे खड़े रहे। पार्टी ने दावा किया कि उन्होंने 26 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की पहल की, जिसने देशभर में युवाओं और आंदोलनकारियों को एकजुट करने का काम किया। पार्टी के मुताबिक, वांगचुक के साहस और त्याग ने आंदोलन को नई ताकत दी और पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा।
पार्टी ने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया
पार्टी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र, जवाबदेही और देश के युवाओं की सामूहिक शक्ति की ऐतिहासिक जीत है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, एक महीने से ज्यादा समय तक दिल्ली आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनी रही। सोनम वांगचुक की अगुवाई में युवाओं के आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ छात्र एवं प्रगतिशील संगठनों के प्रयासों ने सरकार पर दबाव बनाने का काम किया।
नीट-यूजी 2026 को लेकर सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सोशलिस्ट पार्टी ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और संस्थागत खामियों ने 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के बजाय सरकार की ओर से इंटरनेट बंदी, बैरिकेडिंग और शांतिपूर्ण छात्र मार्च पर पुलिस कार्रवाई जैसे कदम उठाए गए।
‘युवाओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की’
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि युवाओं को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किए जाने और आंदोलन के सामने कई तरह की मुश्किलें खड़ी किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना संघर्ष जारी रखा। पार्टी ने कहा कि युवाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
इस्तीफे के बाद भी जवाबदेही तय करने की मांग
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे जरूरी पहला कदम बताया। हालांकि, पार्टी ने साफ किया कि केवल इस्तीफे से जवाबदेही पूरी नहीं होती। पार्टी ने परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और पारदर्शी सुधार की मांग की है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में संरचनात्मक बदलाव और आंदोलन में शामिल छात्रों को कानूनी सुरक्षा देने की भी मांग की गई है।
पार्टी ने कहा कि परीक्षा संकट के कारण पैदा हुए मानसिक दबाव और तनाव से जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को सरकार की ओर से पूरा और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि इन परिवारों की जिम्मेदारी से सरकार पीछे नहीं हट सकती।
सोनम वांगचुक और आंदोलनकारियों को दी बधाई
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने सोनम वांगचुक के नेतृत्व की एक बार फिर सराहना की। पार्टी ने जंतर-मंतर और देशभर में आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों, छात्रों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी। पार्टी ने कहा कि यह घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब आम नागरिक अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाते हैं और उन्हें मजबूत नेतृत्व मिलता है, तो सत्ता की बड़ी से बड़ी ताकत को भी जनता की मांग के सामने झुकना पड़ता है।
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