By Malay Ojha | Published: 29 July 2026 at 11:04 AM
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के परियोजना प्रबंधक जगदीश आफले को अपना पहला सचिव बनाया है। इसके साथ ही उन्हें ट्रस्ट का नया अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन को लेकर अड़चन पैदा हो गई थी। अब नए हस्ताक्षरकर्ता के नाम से यह गतिरोध खत्म हो गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जगदीश आफले का नाम भारतीय स्टेट बैंक को भी भेजा गया है। बैंक में ट्रस्ट के खातों के संचालन के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर उनकी नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि नए प्रस्ताव के बाद बैंक ने खातों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया है।
बैंक खातों के संचालन में आई थी परेशानी
दरअसल, ट्रस्ट में हुए बदलाव के बाद अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। इसके चलते ट्रस्ट से जुड़े कई जरूरी भुगतान प्रभावित हो रहे थे। इनमें करीब एक हजार कर्मचारियों का वेतन और अलग-अलग एजेंसियों को किए जाने वाले भुगतान भी शामिल थे। अब नए हस्ताक्षरकर्ता की व्यवस्था होने के बाद इस परेशानी के दूर होने का रास्ता साफ हो गया है।
2 सितंबर की बैठक में लगेगी औपचारिक मुहर
जगदीश आफले को सचिव बनाए जाने के फैसले पर ट्रस्ट की अगली बैठक में औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। यह बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। हालांकि, इससे पहले ही उन्हें सचिव की जिम्मेदारी सौंपने और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस तरह आफले ट्रस्ट के इतिहास में सचिव पद संभालने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
सीईओ की नियुक्ति में देरी के बीच बनाया गया नया पद
ट्रस्ट के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति में अभी समय लगने की बात कही जा रही है। इसी को देखते हुए सचिव का नया पद बनाया गया है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने भी कहा है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन में अभी समय लगेगा, इसलिए फिलहाल सचिव का पद बनाया गया है। माना जा रहा है कि इससे ट्रस्ट के रोजमर्रा के कामकाज को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया था इस्तीफा
राम मंदिर ट्रस्ट में यह बदलाव उस समय हुआ है, जब चंदा चोरी से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया था। लंबे समय तक चली चर्चाओं के बीच ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
6 जुलाई की बैठक में इस्तीफे स्वीकार
ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। इसी बैठक में ट्रस्ट के बैंक खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव का फैसला भी किया गया। इसके बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और जगदीश आफले का नाम बैंक को भेजा गया था।
ट्रस्टी नहीं होने पर बैंक ने उठाया था सवाल
हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान एक तकनीकी अड़चन सामने आ गई। बैंक की ओर से जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने पर सवाल उठाया गया, क्योंकि वह ट्रस्ट के ट्रस्टी नहीं थे। इसके बाद खातों के संचालन को लेकर स्थिति अटक गई थी। ट्रस्ट के लिए यह परेशानी इसलिए भी अहम थी, क्योंकि रोजमर्रा के खर्च से लेकर कर्मचारियों के वेतन और विभिन्न एजेंसियों के भुगतान तक कई काम बैंक खातों के जरिए ही होते हैं।
अब बैंक खाते फिर से चलने लगे
जगदीश आफले को सचिव का पद दिए जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को लेकर पैदा हुई समस्या का समाधान हो गया है। नए प्रस्ताव के बाद बैंक ने भी खातों का संचालन फिर शुरू कर दिया है। इस बदलाव से ट्रस्ट के कामकाज में आई रुकावट दूर होने की उम्मीद है। खास तौर पर कर्मचारियों के वेतन और निर्माण से जुड़ी एजेंसियों के भुगतान की प्रक्रिया अब आगे बढ़ सकेगी।
बिना वेतन के संभाल रहे थे मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी
जगदीश आफले पहले से ही राम मंदिर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद परियोजना प्रबंधक के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। खास बात यह है कि वह इस जिम्मेदारी को बिना वेतन के निभा रहे थे। अब सचिव के रूप में उन्हें ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका मिल गई है।
आरएसएस से बचपन से जुड़े रहे हैं आफले
महाराष्ट्र के पुणे से संबंध रखने वाले जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। पेशे से वह विद्युत अभियंता हैं। राम मंदिर निर्माण से जुड़ने से पहले वह निजी क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों में काम कर चुके हैं। उन्होंने भारत के अलावा यूरोप के कुछ देशों और अमेरिका में भी काम किया है।
आईआईटी मुंबई से की है पढ़ाई
जगदीश आफले ने आईआईटी मुंबई से विद्युत अभियंत्रण में बीटेक की पढ़ाई की और इसके बाद एमटेक की डिग्री हासिल की। विदेश में काम करने के बाद वह भारत लौटे और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की परियोजना से जुड़ गए। मंदिर निर्माण के दौरान उन्होंने परियोजना प्रबंधक के तौर पर अहम जिम्मेदारी संभाली।
अयोध्या में ही पत्नी के साथ रहते हैं
राम मंदिर निर्माण से लंबे समय से जुड़े होने के कारण आफले का अयोध्या से गहरा जुड़ाव हो गया है। वह अपनी पत्नी के साथ तीर्थ क्षेत्र भवन में रहते हैं। मंदिर निर्माण की तकनीकी और परियोजना से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभालने के बाद अब उन्हें ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
अब सीईओ और प्रवक्ता की नियुक्ति बाकी
जगदीश आफले के सचिव बनाए जाने के बाद अब ट्रस्ट के सामने मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रवक्ता की नियुक्ति का काम बाकी है। प्रवक्ता के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में बताई जा रही है। इस पद के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है और जल्द ही फैसला होने की संभावना है।
ट्रस्ट में बदलाव का दौर जारी
राम मंदिर ट्रस्ट में पिछले कुछ समय से लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद अब सचिव के रूप में जगदीश आफले की नई भूमिका सामने आई है। उनके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनने से बैंक खातों के संचालन का संकट भी दूर हो गया है। अब निगाहें 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर हैं, जहां उनके सचिव पद पर नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रवक्ता की नियुक्ति को लेकर भी तस्वीर साफ हो सकती है।
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