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Gaya Vishnupad Temple: ₹3,516 करोड़ से बदलेगी तस्वीर! विष्णुपद धाम और सोन-फल्गु योजना का प्रस्ताव कैबिनेट में

By aryavartalive | Published: 15 September 2026 at 06:32 PM

गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों योजनाओं से जुड़े कुल ₹3,516.05 करोड़ के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। इसमें विष्णुपद मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए ₹2,520 करोड़ और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़ का प्रस्ताव शामिल है।

हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गया और पूरे बिहार के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से गया के धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विष्णुपद धाम के विकास पर जोर
डॉ. सुमन के मुताबिक, विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास की योजना के तहत गया के प्रमुख धार्मिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम होगा। उन्होंने इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
विष्णुपद धाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। प्रस्तावित विकास योजना के साकार होने पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है। इससे गया की धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन क्षमता को भी नया विस्तार मिल सकता है।

सोन-फल्गु योजना से पानी पर फोकस
दूसरी ओर, ₹996.05 करोड़ की सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को जल प्रबंधन और सिंचाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है। डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि यह योजना गया क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि से जुड़ी जरूरतों के लिए दूरगामी महत्व रखती है।

रोजगार और कारोबार को भी फायदा
मंत्री ने कहा कि विष्णुपद धाम के विकास का असर सिर्फ मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, होटल और दूसरे सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है। इससे गया के स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

जीतन राम मांझी के प्रयास का किया जिक्र
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि गया के सांसद, हम (से.) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रयासों से विष्णुपद धाम को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में पहल आगे बढ़ी है। उन्होंने इस प्रस्ताव को गया की धार्मिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया।

पीएम और सीएम का जताया आभार
मंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह पहल गया को आने वाले समय में बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है।

अभी कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
हालांकि, फिलहाल इन योजनाओं से जुड़ा प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। अंतिम मंजूरी के बाद ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। ऐसे में अब नजर बिहार कैबिनेट के फैसले पर रहेगी।

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Gaya Vishnupad Temple: ₹3,516 करोड़ से बदलेगी तस्वीर! विष्णुपद धाम और सोन-फल्गु योजना का प्रस्ताव कैबिनेट में

By aryavartalive | Published: 15 September 2026 at 06:32 PM

गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों योजनाओं से जुड़े कुल ₹3,516.05 करोड़ के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। इसमें विष्णुपद मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए ₹2,520 करोड़ और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़ का प्रस्ताव शामिल है।

हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गया और पूरे बिहार के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से गया के धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विष्णुपद धाम के विकास पर जोर
डॉ. सुमन के मुताबिक, विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास की योजना के तहत गया के प्रमुख धार्मिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम होगा। उन्होंने इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
विष्णुपद धाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। प्रस्तावित विकास योजना के साकार होने पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है। इससे गया की धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन क्षमता को भी नया विस्तार मिल सकता है।

सोन-फल्गु योजना से पानी पर फोकस
दूसरी ओर, ₹996.05 करोड़ की सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को जल प्रबंधन और सिंचाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है। डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि यह योजना गया क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि से जुड़ी जरूरतों के लिए दूरगामी महत्व रखती है।

रोजगार और कारोबार को भी फायदा
मंत्री ने कहा कि विष्णुपद धाम के विकास का असर सिर्फ मंदिर परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, होटल और दूसरे सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है। इससे गया के स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

जीतन राम मांझी के प्रयास का किया जिक्र
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि गया के सांसद, हम (से.) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रयासों से विष्णुपद धाम को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में पहल आगे बढ़ी है। उन्होंने इस प्रस्ताव को गया की धार्मिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया।

पीएम और सीएम का जताया आभार
मंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह पहल गया को आने वाले समय में बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है।

अभी कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
हालांकि, फिलहाल इन योजनाओं से जुड़ा प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। अंतिम मंजूरी के बाद ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। ऐसे में अब नजर बिहार कैबिनेट के फैसले पर रहेगी।

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