By Malay Ojha | Published: 16 August 2026 at 05:04 PM
कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान **वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सोनिया गांधी और कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में वंदे मातरम् के गायन को रोकने की कोशिश हुई। शाह ने कहा कि देश की जनता इस घटना को कभी माफ नहीं करेगी और कांग्रेस को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय तथा देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम् का गायन चल रहा था और उसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इसे रोकने के लिए कहा। शाह ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि करोड़ों देशवासियों की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर है।
‘कांग्रेस मुख्यालय में पाप हुआ’
गृह मंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर बेहद तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी मुख्यालय में जो हुआ, वह गलत था। उनका कहना था कि जिस वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई, उसे अधूरा छोड़ने की बात सोचना भी गलत है। शाह ने कांग्रेस से सवाल किया कि कोई राष्ट्रगीत को बीच में रोकने के बारे में सोच भी कैसे सकता है।
सोनिया गांधी को लेकर शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने सोनिया गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि देश की जनता इस मामले को भूलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बाकी है तो पार्टी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। शाह ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता आंदोलन और देश की राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा हुआ है।
भाजपा ने वीडियो को बनाया बड़ा मुद्दा
इस विवाद की शुरुआत कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर हुई। भाजपा नेताओं ने वीडियो के आधार पर आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से इसे समाप्त करने का इशारा किया गया। भाजपा के नेताओं ने इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सफाई और माफी की मांग की।
अमित मालवीय ने भी साधा निशाना
भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वंदे मातरम् की शुरुआती पंक्तियां गाए जाने के बाद सोनिया गांधी असहज नजर आईं और उन्होंने इसे पूरा बजाने के बजाय रोकने का संकेत दिया। मालवीय ने राहुल गांधी के इशारे का भी दावा किया। हालांकि, ये भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को घेरा
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी विवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के अनुरूप इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् को पूरा सम्मान दिए जाने की बात सामने आई है। उनके बयान का निशाना सीधे कांग्रेस नेतृत्व पर था। भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय गीत को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति देश की भावनाओं से जुड़ा विषय बन जाती है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् को रोकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया था। कांग्रेस की सफाई के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने की बात कही जा रही थी। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को वंदे मातरम् के अपमान से जोड़ने पर सवाल उठाया है।
कुर्सी को लेकर सामने आई कांग्रेस की सफाई
कांग्रेस की ओर से दी गई सफाई के बाद विवाद का दूसरा पहलू सामने आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वीडियो में जिस इशारे को भाजपा वंदे मातरम् रोकने से जोड़ रही है, उसका संदर्भ अलग था। उनके अनुसार सोनिया गांधी वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था चाह रही थीं। यही वजह है कि कांग्रेस भाजपा के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है।
विवाद के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सामने आए इस विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। भाजपा इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि घटना को गलत अर्थ देकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है। इस पूरे मामले में सामने आए वीडियो और दोनों दलों के दावों ने बहस को और बढ़ा दिया है।
वंदे मातरम् को लेकर पहले से चल रही थी चर्चा
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् को लेकर विशेष चर्चा इसलिए भी रही क्योंकि 2026 में इस गीत से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को बड़े स्तर पर सामने रखा गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले से वंदे मातरम् के गायन को भी विशेष महत्व दिया गया। ऐसे समय में कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा होना स्वाभाविक रूप से बड़ी खबर बन गया।
अब माफी की मांग पर टिकी सियासत
अमित शाह ने अपने बयान के जरिए साफ कर दिया है कि भाजपा इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से माफी मांगने को कहा है और सोनिया गांधी को भी सीधे निशाने पर लिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और राजनीतिक रंग ले सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान हुआ इशारा आखिर किस बात के लिए था और क्या भाजपा के आरोपों को कांग्रेस की सफाई से कोई नया जवाब मिलता है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

