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वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर कांग्रेस का अल्टीमेटम, 5 सितंबर के बाद पटना में अनिश्चितकालीन धरना

By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 at 04:16 PM

बिहार में वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने मंगलवार को सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता कर सरकार पर वित्त रहित शिक्षकों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने ऐलान किया कि 5 सितंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो 6 सितंबर से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

डॉ. संजय यादव ने बताया कि वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर सेवादल की ओर से हर जिले में एक दिवसीय धरना दिया जा रहा है। यह अभियान 30 जून को अरवल से शुरू हुआ था। 5 सितंबर को पटना के गांधी मैदान से पदयात्रा ‘कफन यात्रा’ के रूप में निकाली जाएगी, जो शहीद स्थल सप्तमूर्ति विधानसभा तक जाएगी।

सरकार को दिया गया साफ संदेश
सेवादल अध्यक्ष ने कहा कि 5 सितंबर तक यदि बिहार सरकार शिक्षकों की मांगों पर फैसला नहीं लेती है तो अगले दिन से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के लिए जारी रहेगा।

राजेश राम ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि सरकार की कथित उदासीनता के कारण बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि हजारों वित्त रहित शिक्षक वर्षों से कम संसाधनों में काम करते हुए अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।

कांग्रेस के पुराने फैसले का किया जिक्र
राजेश राम ने कहा कि 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली तथा समायोजन की पहल की थी। उनका कहना था कि उस समय उद्देश्य यह था कि गरीब परिवारों के बच्चों को गांव और आसपास ही उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।

गरीब और ग्रामीण छात्रों का मुद्दा उठाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज भी ग्रामीण और सुदूर इलाकों में पर्याप्त कॉलेज नहीं हैं। इसका सीधा असर गरीब, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए सुविधाओं की कमी का असर खास तौर पर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

सरकार से मांगें पूरी करने की अपील
राजेश राम ने सरकार से वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने, उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे शिक्षकों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

प्रेस वार्ता में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव, बिहार सेवादल प्रभारी अफरोज खान, पटना जोनल अध्यक्ष अहमद राजा खान, कोषाध्यक्ष आशुतोष रंजन, महिला अध्यक्ष रुचि सिंह और विपिन झा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बिहार प्रदेश इंटरमीडिएट वित्त रहित संघर्ष मोर्चा की अध्यक्ष सुमित्रा यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. डॉ. रामनरेश प्रसाद समेत विभिन्न शिक्षक संगठनों और कॉलेजों के प्रतिनिधि भी प्रेस वार्ता में शामिल हुए।

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वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर कांग्रेस का अल्टीमेटम, 5 सितंबर के बाद पटना में अनिश्चितकालीन धरना

By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 at 04:16 PM

बिहार में वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने मंगलवार को सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता कर सरकार पर वित्त रहित शिक्षकों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने ऐलान किया कि 5 सितंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो 6 सितंबर से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

डॉ. संजय यादव ने बताया कि वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर सेवादल की ओर से हर जिले में एक दिवसीय धरना दिया जा रहा है। यह अभियान 30 जून को अरवल से शुरू हुआ था। 5 सितंबर को पटना के गांधी मैदान से पदयात्रा ‘कफन यात्रा’ के रूप में निकाली जाएगी, जो शहीद स्थल सप्तमूर्ति विधानसभा तक जाएगी।

सरकार को दिया गया साफ संदेश
सेवादल अध्यक्ष ने कहा कि 5 सितंबर तक यदि बिहार सरकार शिक्षकों की मांगों पर फैसला नहीं लेती है तो अगले दिन से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के लिए जारी रहेगा।

राजेश राम ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि सरकार की कथित उदासीनता के कारण बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि हजारों वित्त रहित शिक्षक वर्षों से कम संसाधनों में काम करते हुए अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।

कांग्रेस के पुराने फैसले का किया जिक्र
राजेश राम ने कहा कि 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली तथा समायोजन की पहल की थी। उनका कहना था कि उस समय उद्देश्य यह था कि गरीब परिवारों के बच्चों को गांव और आसपास ही उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।

गरीब और ग्रामीण छात्रों का मुद्दा उठाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज भी ग्रामीण और सुदूर इलाकों में पर्याप्त कॉलेज नहीं हैं। इसका सीधा असर गरीब, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए सुविधाओं की कमी का असर खास तौर पर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

सरकार से मांगें पूरी करने की अपील
राजेश राम ने सरकार से वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने, उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे शिक्षकों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

प्रेस वार्ता में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव, बिहार सेवादल प्रभारी अफरोज खान, पटना जोनल अध्यक्ष अहमद राजा खान, कोषाध्यक्ष आशुतोष रंजन, महिला अध्यक्ष रुचि सिंह और विपिन झा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बिहार प्रदेश इंटरमीडिएट वित्त रहित संघर्ष मोर्चा की अध्यक्ष सुमित्रा यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. डॉ. रामनरेश प्रसाद समेत विभिन्न शिक्षक संगठनों और कॉलेजों के प्रतिनिधि भी प्रेस वार्ता में शामिल हुए।

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