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दिल्ली में PG पर लगाम की तैयारी, छात्रों के लिए बदलेंगे किराया से लेकर सुरक्षा तक के नियम

By Malay Ojha | Published: 08 September 2026 at 08:11 PM

दिल्ली में PG में रहने वाले छात्रों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सत्य निकेतन में PG इमारत हादसे के बाद सरकार ने PG को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित Paying Guest Accommodation Regulation and Safety Bill, 2026 में PG का लाइसेंस जरूरी करने के साथ किराए, सुरक्षा और छात्रों की शिकायतों के लिए भी कई नियम रखने की बात है। यह फिलहाल प्रस्ताव है, कानून अभी लागू नहीं हुआ है।

प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली में चल रहे PG को सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संचालक को पुलिस वेरिफिकेशन के अलावा नगर निगम, फायर और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़ी जरूरी मंजूरियां लेनी पड़ सकती हैं। रजिस्टर्ड PG को एक अलग नंबर दिया जाएगा और उसकी जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है।

मनमाना किराया वसूलना आसान नहीं होगा
PG में रहने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ा बदलाव किराए को लेकर हो सकता है। प्रस्ताव में अलग-अलग इलाकों के हिसाब से Rent Band तय करने की बात है। यानी किसी इलाके में PG संचालक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकेगा। तय सीमा से ज्यादा किराया लेने के लिए अनुमति की जरूरत हो सकती है। सिक्योरिटी डिपॉजिट को भी अधिकतम तीन महीने के किराए तक सीमित करने का प्रस्ताव है।

डिपॉजिट लौटाने और PG खाली कराने के भी नियम
प्रस्ताव में PG छोड़ने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट 30 दिन के भीतर लौटाने की व्यवस्था रखी गई है। वहीं छात्र को बिना उचित वजह अचानक PG से निकालने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है। सामान्य स्थिति में 30 दिन का लिखित नोटिस देना होगा। संचालक तीन महीने से ज्यादा का एडवांस किराया भी नहीं मांग सकेगा।

CCTV और सिक्योरिटी गार्ड होंगे जरूरी
छात्रों की सुरक्षा के लिए PG के प्रवेश द्वार और कॉमन एरिया में CCTV लगाने का प्रस्ताव है। रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी। 15 या उससे ज्यादा छात्रों वाले PG में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाइसेंस प्राप्त सिक्योरिटी गार्ड रखना जरूरी किया जा सकता है। विजिटर्स के लिए भी समय तय करने और उनकी एंट्री दर्ज करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

वार्डन को 15 मिनट में पहुंचना होगा
हर PG में एक जिम्मेदार वार्डन रखने का भी प्रस्ताव है। वार्डन को PG से अधिकतम 500 मीटर के दायरे में रहना या कार्यालय रखना होगा, ताकि किसी आपात स्थिति में वह जल्द मौके पर पहुंच सके। बाहर से आने वाले लोगों की एंट्री सुबह 8 बजे से रात 9 बजे के बीच रखने और विजिटर रजिस्टर में जानकारी दर्ज करने का नियम भी प्रस्तावित है।

ऑनलाइन शिकायत और विवाद निपटाने की व्यवस्था
प्रस्तावित GovPG पोर्टल पर छात्र रजिस्टर्ड PG की जानकारी देख सकेंगे और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर गुमनाम शिकायत की सुविधा देने का प्रस्ताव है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर कमेटियां बनाकर PG का निरीक्षण और छात्र-मालिक के विवादों को 15 कार्यदिवस के भीतर सुलझाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

अच्छे रिकॉर्ड वाले PG को मिल सकता है फायदा
लगातार नियमों का पालन करने वाले PG संचालकों को Certified Student-Friendly PG का दर्जा देने का प्रस्ताव है। ऐसे संचालकों को पोर्टल पर प्राथमिकता और सुरक्षा सुधार के लिए आसान कर्ज जैसी सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रस्ताव को लागू करने में अनधिकृत PG को रजिस्टर करना और कई विभागों से मंजूरी की व्यवस्था बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

अभी कानून लागू नहीं, आगे होगी औपचारिक प्रक्रिया
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार ने PG हब में इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के निर्देश भी दिए हैं। वहीं शहरी विकास मंत्री ने 8 सितंबर को कहा कि PG को रेगुलेट करने की व्यापक नीति पर काम चल रहा है और इसे अगले एक-दो महीने में लाने की तैयारी है। इसलिए फिलहाल छात्रों और PG संचालकों पर ये नियम लागू नहीं हुए हैं; अंतिम नियम और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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दिल्ली में PG पर लगाम की तैयारी, छात्रों के लिए बदलेंगे किराया से लेकर सुरक्षा तक के नियम

By Malay Ojha | Published: 08 September 2026 at 08:11 PM

दिल्ली में PG में रहने वाले छात्रों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सत्य निकेतन में PG इमारत हादसे के बाद सरकार ने PG को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित Paying Guest Accommodation Regulation and Safety Bill, 2026 में PG का लाइसेंस जरूरी करने के साथ किराए, सुरक्षा और छात्रों की शिकायतों के लिए भी कई नियम रखने की बात है। यह फिलहाल प्रस्ताव है, कानून अभी लागू नहीं हुआ है।

प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली में चल रहे PG को सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संचालक को पुलिस वेरिफिकेशन के अलावा नगर निगम, फायर और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़ी जरूरी मंजूरियां लेनी पड़ सकती हैं। रजिस्टर्ड PG को एक अलग नंबर दिया जाएगा और उसकी जानकारी सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है।

मनमाना किराया वसूलना आसान नहीं होगा
PG में रहने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ा बदलाव किराए को लेकर हो सकता है। प्रस्ताव में अलग-अलग इलाकों के हिसाब से Rent Band तय करने की बात है। यानी किसी इलाके में PG संचालक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकेगा। तय सीमा से ज्यादा किराया लेने के लिए अनुमति की जरूरत हो सकती है। सिक्योरिटी डिपॉजिट को भी अधिकतम तीन महीने के किराए तक सीमित करने का प्रस्ताव है।

डिपॉजिट लौटाने और PG खाली कराने के भी नियम
प्रस्ताव में PG छोड़ने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट 30 दिन के भीतर लौटाने की व्यवस्था रखी गई है। वहीं छात्र को बिना उचित वजह अचानक PG से निकालने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है। सामान्य स्थिति में 30 दिन का लिखित नोटिस देना होगा। संचालक तीन महीने से ज्यादा का एडवांस किराया भी नहीं मांग सकेगा।

CCTV और सिक्योरिटी गार्ड होंगे जरूरी
छात्रों की सुरक्षा के लिए PG के प्रवेश द्वार और कॉमन एरिया में CCTV लगाने का प्रस्ताव है। रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी। 15 या उससे ज्यादा छात्रों वाले PG में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाइसेंस प्राप्त सिक्योरिटी गार्ड रखना जरूरी किया जा सकता है। विजिटर्स के लिए भी समय तय करने और उनकी एंट्री दर्ज करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

वार्डन को 15 मिनट में पहुंचना होगा
हर PG में एक जिम्मेदार वार्डन रखने का भी प्रस्ताव है। वार्डन को PG से अधिकतम 500 मीटर के दायरे में रहना या कार्यालय रखना होगा, ताकि किसी आपात स्थिति में वह जल्द मौके पर पहुंच सके। बाहर से आने वाले लोगों की एंट्री सुबह 8 बजे से रात 9 बजे के बीच रखने और विजिटर रजिस्टर में जानकारी दर्ज करने का नियम भी प्रस्तावित है।

ऑनलाइन शिकायत और विवाद निपटाने की व्यवस्था
प्रस्तावित GovPG पोर्टल पर छात्र रजिस्टर्ड PG की जानकारी देख सकेंगे और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर गुमनाम शिकायत की सुविधा देने का प्रस्ताव है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर कमेटियां बनाकर PG का निरीक्षण और छात्र-मालिक के विवादों को 15 कार्यदिवस के भीतर सुलझाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

अच्छे रिकॉर्ड वाले PG को मिल सकता है फायदा
लगातार नियमों का पालन करने वाले PG संचालकों को Certified Student-Friendly PG का दर्जा देने का प्रस्ताव है। ऐसे संचालकों को पोर्टल पर प्राथमिकता और सुरक्षा सुधार के लिए आसान कर्ज जैसी सुविधाएं देने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रस्ताव को लागू करने में अनधिकृत PG को रजिस्टर करना और कई विभागों से मंजूरी की व्यवस्था बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

अभी कानून लागू नहीं, आगे होगी औपचारिक प्रक्रिया
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार ने PG हब में इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के निर्देश भी दिए हैं। वहीं शहरी विकास मंत्री ने 8 सितंबर को कहा कि PG को रेगुलेट करने की व्यापक नीति पर काम चल रहा है और इसे अगले एक-दो महीने में लाने की तैयारी है। इसलिए फिलहाल छात्रों और PG संचालकों पर ये नियम लागू नहीं हुए हैं; अंतिम नियम और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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