By aryavartalive | Published: 09 September 2026 at 12:14 PM
नई दिल्ली। बिहार कांग्रेस की अंदरूनी नाराजगी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। बिहार के पूर्व विधायकों, पूर्व जिला अध्यक्षों, पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने बुधवार को AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नाम ज्ञापन सौंपकर बिहार संगठन में बड़े बदलाव की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता और AICC सदस्य आनंद माधव समेत कई पूर्व विधायक और पूर्व पदाधिकारियों ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिहार में पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही है। बिहार में कई स्तरों पर अपनी बात रखने के बाद दिल्ली आने का फैसला किया गया।
‘हमारा विरोध पार्टी से नहीं, व्यवस्था से है’
आनंद माधव ने कहा कि उनका विरोध कांग्रेस पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार में पार्टी चलाने वाले मौजूदा लोगों की कार्यशैली से है। उनके मुताबिक, लगातार संवाद और प्रयास के बावजूद जब बिहार के कांग्रेस नेताओं की बात नहीं सुनी गई तो उन्हें दिल्ली आकर अपनी बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचानी पड़ी।
सदाकत आश्रम को लेकर भी उठाए सवाल
आनंद माधव ने आरोप लगाया कि बिहार कांग्रेस का संगठन लगभग बिखर चुका है और पुराने कांग्रेसजनों को लगातार किनारे किया जा रहा है। उन्होंने पटना स्थित सदाकत आश्रम की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जगह को कांग्रेस कार्यकर्ता अपना मंदिर मानते हैं, वहां पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय दूसरे दलों से जुड़े लोगों और अराजक तत्वों का प्रभाव बढ़ गया है।
मनीष छत्रत ने लिया ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से मनीष छत्रत प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उनसे बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नाम दिया गया है।
राहुल गांधी से मुलाकात की मांग
प्रदर्शनकारियों की पहली मांग राहुल गांधी से तत्काल मुलाकात का समय देने की रही। उनका कहना है कि बिहार कांग्रेस की जमीनी स्थिति, संगठन की मौजूदा हालत और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को वे सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखना चाहते हैं।
नोटिस और निष्कासन वापस लेने की मांग
नेताओं ने कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी नोटिस और निष्कासन की कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग भी की। उनका कहना है कि पुराने और निष्ठावान कांग्रेसजनों को सम्मान के साथ संगठन में उनकी जिम्मेदारी वापस मिलनी चाहिए।
प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने बिहार कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार (राम) को पद से हटाने की मांग रखी। इसके अलावा दूसरे दलों से आए लोगों और संदिग्ध सदस्यों के आधार पर संगठन में पद दिए जाने की प्रक्रिया रोकने तथा सदस्यता और नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की बात
ज्ञापन में संगठनात्मक और राजनीतिक नियुक्तियों में सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय संतुलन, वरिष्ठता, पार्टी के प्रति निष्ठा और जमीनी योगदान को आधार बनाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने सदाकत आश्रम में पार्टी का अनुशासन और लोकतांत्रिक संवाद बहाल करने की भी मांग उठाई।
‘डरो मत’ के संदेश का दिया हवाला
आनंद माधव ने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर वे अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने दिल्ली आए हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते बिहार कांग्रेस के मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रदर्शन में पूर्व विधायक अनिल सिंह, छत्रपति यादव, पूनम देवी सहित कई पूर्व पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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