By Malay Ojha | Published: 09 September 2026 at 10:51 PM
लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आरोपियों की गतिविधियों को लेकर कई अहम दावे किए हैं। चार्जशीट के मुताबिक A-1, A-4 और A-6 कई मौकों पर लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में पहुंचे थे। एजेंसी का दावा है कि इन यात्राओं का मकसद महज घूमना नहीं था, बल्कि कथित साजिश के लिए जरूरी सामान जुटाने और इलाके की निगरानी से भी जुड़ा था।
लाल किले को क्यों चुना गया?
NIA के मुताबिक आरोपियों की नजर लाल किले पर इसलिए थी क्योंकि वे इसे भारतीय राज्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था के एक बड़े प्रतीक के तौर पर देखते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि कथित आतंकी मॉड्यूल भारत की मौजूदा शासन व्यवस्था को बदलकर शरिया कानून लागू करने की विचारधारा से प्रभावित था। चार्जशीट में इसे हमले के पीछे की कथित वैचारिक सोच से जोड़ा गया है।
इन तारीखों पर लाल किले के आसपास पहुंचे
चार्जशीट में A-1, A-4 और A-6 की लाल किला इलाके में मौजूदगी से जुड़ी कई तारीखों का उल्लेख है। इनमें 20 दिसंबर 2023, 23 दिसंबर 2023, 26 मई, 8 जून, 14 जून, 27 जून, 11 जुलाई और 17 जुलाई 2024 शामिल हैं। इसके अलावा 9 अगस्त और 4 दिसंबर 2024 तथा 1 जनवरी और 10 मई 2025 की मौजूदगी का भी जिक्र किया गया है। NIA इन गतिविधियों को कथित साजिश की कड़ियों के तौर पर देख रही है।
साथ रहने पर फोन बंद करने का दावा
जांच में आरोपियों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर भी एक खास पैटर्न सामने आने की बात कही गई है। NIA के मुताबिक जब A-6 उनके साथ होता था और उसके फोन से सर्च या ब्राउजिंग की जाती थी, तब A-1 और A-4 अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे। एजेंसी ने इस व्यवहार को भी अपनी जांच में अहम माना है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का भी जिक्र
चार्जशीट के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों की कुछ गतिविधियां इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद से जुड़ी थीं। NIA का दावा है कि इन सामानों का इस्तेमाल कथित तौर पर IED तैयार करने की योजना में किया जाना था। जांच में आरोपियों की ऑनलाइन गतिविधियों और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल की भी पड़ताल की गई।
Al-Falah University से भी जुड़ी जांच
मामले की जांच का एक बड़ा हिस्सा हरियाणा की Al-Falah University से जुड़े कथित नेटवर्क पर भी केंद्रित रहा। NIA की चार्जशीट में विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ डॉक्टरों और अन्य आरोपियों की भूमिका का उल्लेख है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इसी नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर तकनीकी मदद, विस्फोटक तैयार करने और हमले की योजना को आगे बढ़ाया गया।
10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका
NIA के मुताबिक कथित साजिश का अंतिम चरण 10 नवंबर 2025 को सामने आया, जब लाल किला इलाके के पास कार में धमाका हुआ। एजेंसी की मई में दाखिल चार्जशीट के अनुसार इस वाहन को VBIED यानी वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। शुरुआती NIA चार्जशीट में 11 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की बात कही गई थी।
जांच में सामने आया कथित आतंकी नेटवर्क
NIA ने इस मामले को Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क लंबे समय से अपनी गतिविधियों को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। चार्जशीट में हथियार, विस्फोटक, तकनीकी संसाधनों और कथित वैचारिक सामग्री से जुड़े कई सबूतों का हवाला दिया गया है।
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