By Malay Ojha | Published: 14 September 2026 at 02:59 PM
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी दावा सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI में गए कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि NCPI के 20 में से 17 सांसद BJP में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव दुर्गा पूजा से पहले या उसके आसपास हो सकता है। हालांकि, अभी BJP की ओर से इस दावे की कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बसुनिया ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि NCPI के 17 सांसद BJP में जाने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, अगर 20 में से 17 सांसद एक साथ पार्टी बदलते हैं तो दल-बदल कानून से जुड़ी अड़चन नहीं आएगी। उनके इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
इन सांसदों को लेकर क्या कहा?
बसुनिया ने NCPI के अल्पसंख्यक सांसदों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान जैसे सांसद सीधे BJP में शामिल नहीं होंगे, लेकिन NDA को समर्थन दे सकते हैं। उनका तर्क है कि इन सांसदों के चुनाव क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाता हैं, इसलिए सीधे BJP में जाने से उनके सामने राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
BJP से जुड़ने को लेकर अभी सिर्फ दावा
बसुनिया का बयान सामने आने के बाद NCPI के BJP में विलय या बड़े पैमाने पर सांसदों के शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। लेकिन फिलहाल इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। BJP की ओर से 17 सांसदों के शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे की पुष्टि के लिए आगे होने वाले राजनीतिक फैसलों पर नजर रहेगी।
सियासी तनाव के बीच घर लौटे बसुनिया
इधर, कूचबिहार के सांसद रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सिताई स्थित अपने घर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान सिताई में TMC के एक पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटना भी हुई। पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए कई आरोप
विरोध कर रहे लोगों ने बसुनिया पर पिछले कई वर्षों के दौरान राजनीतिक प्रभाव का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर संपत्ति बनाने के आरोप लगाए। उनके खिलाफ राइस मिल और दूसरे कारोबारी प्रतिष्ठान खड़े करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें प्रदर्शनकारियों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
दल बदलने को लेकर भी निशाना
प्रदर्शनकारियों ने बसुनिया के राजनीतिक सफर पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि वे पहले फॉरवर्ड ब्लॉक में रहे, फिर TMC में आए और अब NCPI के रास्ते BJP के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे बसुनिया या उनके समर्थकों को BJP में स्वीकार करने के खिलाफ हैं।
अब आगे क्या होगा?
बसुनिया के 17 सांसदों को BJP में ले जाने के दावे और सिताई में हुए विरोध ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NCPI के 17 सांसद वास्तव में BJP का दामन थामते हैं या यह फिलहाल राजनीतिक दबाव और संभावित दल-बदल को लेकर किया गया दावा ही साबित होता है।
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