By Malay Ojha | Published: 05 October 2026 at 10:15 AM
दिल्ली दंगा मामले में तिहाड़ जेल में बंद शरजील इमाम अंतरिम जमानत मिलने के बाद रविवार को अपने पैतृक गांव काको पहुंचे। दिल्ली की अदालत ने उन्हें चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है। शरजील के घर पहुंचते ही परिजनों और करीबियों की आवाजाही बढ़ गई।
शरजील इमाम के भाई मुजम्मिल इमाम ने बताया कि परिवार के लिए उनका घर लौटना भावुक पल है। चचेरे भाई की शादी 7 अक्टूबर को है और इसी समारोह में शामिल होने के लिए अदालत ने शरजील को सीमित अवधि की राहत दी है। परिवार ने कहा कि लंबे समय बाद घर में उनके आने से माहौल भावुक होने के साथ खुशी भरा है।
परिवार को अदालत से इंसाफ की उम्मीद
मुजम्मिल इमाम ने कहा कि परिवार को अदालत पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि देर से ही सही, एक दिन इंसाफ जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शादी जैसे पारिवारिक मौके पर शरजील की मौजूदगी मां और पूरे परिवार के लिए महत्वपूर्ण है। जमानत की अवधि पूरी होने के बाद शरजील को अदालत के निर्देश के मुताबिक वापस जेल जाना होगा।
पहले भी मिली थी अंतरिम जमानत
यह पहली बार नहीं है जब शरजील इमाम को पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत मिली है। इससे पहले भी उन्हें अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए अदालत से सीमित अवधि की राहत मिली थी। उस समय भी अदालत ने उनके सामने कई शर्तें रखी थीं।
दिल्ली दंगा मामले में जेल में हैं शरजील
शरजील इमाम वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं। CAA और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दिए गए उनके भाषणों को लेकर भी मामला चर्चा में रहा है। वह लंबे समय से तिहाड़ जेल में बंद हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
JNU के पूर्व शोधार्थी हैं शरजील
शरजील इमाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व शोधार्थी हैं। उन्होंने IIT बॉम्बे से पढ़ाई की थी और बाद में JNU में आधुनिक इतिहास में शोध किया। अदालत से मिली मौजूदा अंतरिम जमानत केवल तय अवधि और चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के उद्देश्य से है।
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