By Malay Ojha | Published: 06 October 2026 at 11:12 AM
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने खिलाड़ियों के लिए अंतरविश्वविद्यालयीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया है। विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के प्रतिभावान खिलाड़ियों के चयन के लिए अलग-अलग खेलों का कार्यक्रम जारी किया गया है। चयनित खिलाड़ी जोनल और अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में तीरंदाजी, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, कुश्ती, योगासन और कराटे के साथ वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता, सांसद खेल-कूद और फिट इंडिया खेल-कूद प्रतियोगिता को भी शामिल किया गया है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर विश्वविद्यालय की टीम तैयार की जाएगी।
अक्टूबर से शुरू होगा खेलों का सिलसिला
जारी कार्यक्रम के अनुसार तीरंदाजी की प्रतियोगिता 5 अक्टूबर, बॉक्सिंग 7 अक्टूबर, वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता 10 अक्टूबर और कराटे 12 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके बाद ताइक्वांडो 15 दिसंबर और कुश्ती 18 दिसंबर को होगी।
इन शहरों में दिखाएंगे प्रतिभा
विश्वविद्यालय की टीम के चयनित खिलाड़ियों को आगे अलग-अलग स्थानों पर होने वाली प्रतियोगिताओं में भेजा जाएगा। तीरंदाजी की प्रतियोगिता तेजपुर विश्वविद्यालय, असम में 15 से 22 दिसंबर, जबकि बॉक्सिंग गल्गोटियास विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक प्रस्तावित है।
ताइक्वांडो और कुश्ती के लिए भी मौका
ताइक्वांडो की प्रतियोगिता विवेकानन्द ग्लोबल विश्वविद्यालय, जयपुर में 1 से 5 दिसंबर को होगी। कुश्ती की प्रतियोगिता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 20 से 28 फरवरी 2027 और योगासन की प्रतियोगिता गुजरात विश्वविद्यालय में 22 से 27 फरवरी 2027 प्रस्तावित है।
राज्य स्तर के खिलाड़ियों को प्राथमिकता
विश्वविद्यालय ने कहा है कि जिन खिलाड़ियों ने कम से कम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है या संबंधित खेल में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें चयन प्रक्रिया में मौका दिया जाए। खिलाड़ियों को हाईस्कूल से वर्तमान कक्षा तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज की चार फोटो उपलब्ध करानी होंगी।
कॉलेज उठाएंगे प्रतियोगिता का खर्च
जोनल और अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित खिलाड़ियों के आने-जाने और प्रतियोगिता से जुड़े खर्च का भुगतान नियमानुसार संबंधित कॉलेज द्वारा किया जाएगा। कुलसचिव राकेश कुमार ने विभागाध्यक्षों और प्राचार्यों से प्रतिभावान खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
विश्वविद्यालय का यह प्रयास छात्रों को खेलों में आगे बढ़ने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगा। साथ ही खेल भावना, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
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